प्रो. रावत ने कहा कि चुनाव की तिथि राज्य की तीनों राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में तय की गई थी। चुनाव लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं और विश्वविद्यालयों के छात्र संघ संविधान के प्रावधानों के अनुसार कराए जाएंगे। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देश दिए कि बाहरी व्यक्तियों को महाविद्यालय परिसरों में प्रवेश न दिया जाए और चुनाव संचालन में किसी प्रकार का व्यवधान न होने पाए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय अपनी आवश्यकतानुसार जिला और पुलिस प्रशासन से सहयोग लें और जरूरत पड़ने पर प्रेक्षक भी नियुक्त करें।