दर्शन के बाद आशुतोष राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बाबा महाकाल के आंगन में आने से मन आनंद से भर जाता है। उन्होंने शिव तांडव स्त्रोत की एक पंक्ति भी सुनाई। राणा ने कहा कि यहां तीनों काल एक साथ उपस्थित होने के कारण इन्हें महाकाल कहा जाता है।
मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और आशीष फलवाड़िया ने अभिनेता आशुतोष राणा को महाकाल का प्रसाद भेंट किया। साथ ही उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। महाकाल के अनन्य भक्त आशुतोष राणा पहले भी कई बार मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।