वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन द्वारा महत्वपूर्ण जल गुणवत्ता मानक के तहत भौतिक, रासायनिक एवं जीवाणु परीक्षण हेतु लोहांडीगुड़ा विकासखंड के बड़ाजी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें जल में पीएच, क्लोराइड, हार्डनेस, टीडीएस, आयरन फ्लोराइड सहित एनी पैरामीटर की जानकारी दी गई ।
इसके अलावा रजत महोत्सव में अन्य आयोजित गतिविधि में स्वास्थ्य जागरूकता पर हर दिन, हर घर आयुर्वेद कार्यक्रम के तहत आयुर्वेद अपनाएं, रोगों से बचें हेतु जागरूकता रैली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञ आयुर्वेदाचार्यों ने उपस्थित जनसमूह को आयुर्वेद के महत्व और जीवनशैली में इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का एक विज्ञान है। जड़ी-बूटियों, औषधियों और योग-प्राणायाम जैसे उपायों के माध्यम से न केवल रोगों का निवारण संभव है, बल्कि बीमारियों से पहले ही बचाव भी किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों के बीच आयुर्वेद को अपनाकर प्राकृतिक तरीके से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं। इस दौरान आम नागरिकों को औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया और नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन हुआ। इसके अलावा दीवाल लेखन के साथ आयुर्वेद को अपने की अपील की गई है । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, ग्रामीण व शहरीजन शामिल हुए और आयुर्वेद से जुड़े उपयोगी सुझावों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।