धरना स्थल पर कर्मचारियों ने कहा कि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित करने की जिम्मेदारी उनका नहीं बल्कि शासन का अड़ियल रवैया है। आंदोलन के चलते जिले के उप स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएँ लगभग ठप हो गई हैं। मरीजों को समय पर इलाज न मिलने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश साहू, उपाध्यक्ष रीना नायडू और प्रवक्ता मुकेश बख्शी ने स्पष्ट कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर लिखित निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन में नवीन पाठक, डॉ. प्रदीप पटेल, जय नारायण सिंह, डॉ. रंजना पटेल, बसंती, हिमानी सरकार, डॉ. विजय, राजेन्द्र पांडेय, सुरेंद्र नागतोडे, सरफराज नवाज, रीना नायडू, मंजीता लकड़ा, मनीषा नेताम, भारती नेताम और हर्षा नागवंशी सहित बड़ी संख्या में सुकमा, कोंटा और छिंदगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।