आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त करती है मिट्टी से जीवनोपयोगी वस्तुएँ तैयार करने की कला: संपतिया उईके

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मंडला, 24 अगस्त । मध्य प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री (पीएचई) संपतिया उईके ने कहा कि कुम्भकार समाज का यह कार्यक्रम अपने आप में महत्वपूर्ण है। कुम्भकार समाज केवल कला और परिश्रम का ही प्रतीक नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मिट्टी से जीवनोपयोगी वस्तुएँ तैयार करने की कला आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त करती है। यह समाज अपनी मेहनत और कौशल से देश की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूती प्रदान करता है।

पीएचई मंत्री संपतिया उईके रविवार को मंडला के पीएमश्री कालेज आफ एक्सीलेंस के आडिटोरियम हाल में अखिल भारतीय प्रजापति कुम्भकार संघ के कुम्भकार महोत्सव में उपस्थितजनों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कारीगरों और परंपरागत हस्तशिल्प से जुड़े समाजों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से इस समाज को आर्थिक सशक्तिकरण और नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार भी प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहयोग के जरिए कुम्भकार समाज की प्रतिभा को प्रोत्साहन दे रही है।

इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के नागरिकों को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान बड़ी संख्या में कुम्भकार समाज के गणमान्य नागरिकगण मौजूद रहे।