-लेह-लद्दाख क्षेत्र में तैनात के दौरान ऑक्सीजन की कमी से बिगड़ी थी तबियत
गुरुग्राम, 24 अगस्त । भारतीय सेना के जवान शहीद हवलदार प्रीतम खटाना का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव अभयपुर में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद प्रीतम खटाना के 13 वर्षीय बेटे प्रतीक ने पिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर गांव में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। शहीद प्रीतम अमर रहे के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
शहीद हवलदार प्रीतम का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव अभयपुर पहुंचा माहौल और अधिक गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा की और शहीद के सम्मान में नारे लगाए। शाहीद के अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्रीय विधायक की अनुपस्थिति से ग्रामीणों ने रोष रहा। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव के स्कूल का नाम शहीद प्रीतम खटाना के नाम पर रखा जाए। शहीद के चाचा सूबेदार राजबीर ने बताया कि शहीद प्रीतम खटाना वर्ष 2011 में भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कोर (ए.एस.सी.) में हवलदार के पद पर भर्ती हुए थे। फिलहाल उनकी तैनाती लेह-लद्दाख में थी। ड्यूटी के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल चंडीगढ़ के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। प्रीतम खटाना के पिता गिरिराज खटाना भी भारतीय सेना में रह चुके हैं। शहीद हवलदार प्रीतम के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा प्रतीक (13 वर्ष) और बेटी पंछी (8 वर्ष) हैं।