जानकारी के अनुसार गुरुवार रात से प्रखंड क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। सुबह तक पत्थलगड़ा, सिंघानी, तेतरिया, दुंबी और बरवाडीह के सैकड़ों घरों में बारिश का पानी घुस गया और कई गांवों का संपर्क एक दूसरे से कट गया। भारी बारिश से बकुलिया नदी दिन भर उफान पर रही। यह नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। नदी में बाढ़ आ जाने के कारण सिमरिया के गेडवा, तरसा, उरूब सहित सात गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कटा रहा। वहीं कोदवारी, सिनपुर, परसोटांड और अन्य गांव के लोग अपने घरों में सिमट कर रह गए। प्रखंड मुख्यालय में रेवा पुल, गुजरी गेट, सिंघानी में बागी पुल, तेतरिया में ढ़ाब नदी, गुंजरीगेट-अनगड़ा पथ में दो स्थानों में, बरवाडीह में बस्ती और पीपल टोला, दुंबी में ट्रांसफार्मर के पास और अनगड़ा मार्ग में दो स्थानों में बारिश का पानी सड़क के ऊपर से बहने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद रहा।
पुल के उपर से तीन से चार फीट उपर बह रहा पानी
पत्थलगडा-सिमरिया टू लेन पक्की सड़क में बेलहर के जैजला और पत्थलगड़ा कटकमसांडी मुख्य मार्ग में गुजरी गेट समीप पुल से ऊपर 3-4 फीट पानी बहने के कारण छोटी और बड़ी गाड़ियों का आवागमन दिन भर बंद रहा। पत्थलगडा से एक भी सवारी गाड़ी बाहर नहीं गई और कोई भी गाड़ी अंदर प्रवेश नहीं कर सकी।
स्कूल रहे बंद
स्थिति की भयावता को देखते हुए पत्थलगडा के सभी निजी विद्यालय बंद कर दिए गए। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ग्लोरियस पब्लिक स्कूल सहित अन्य विद्यालय आधिकारिक रूप से बंद रहे। सरकारी विद्यालयों में भी बच्चे नहीं पहुंचे।
फुलवरिया आहर टूटा
सुबह 10 बजे के बाद बनवारा के समीप प्रखंड का सबसे बड़ा फुलवरिया आहर के टूटने से भारी तबाही मची। बारिश का पानी बनवारा, दुंबी, बरवाडीह, पत्थलगड़ा और सिंघानी गांव तक पहुंच गई। पहले से ही यहां बाढ़ की स्थिति थी अतिरिक्त पानी आ जाने के कारण रोड के ऊपर से पानी बहने लगा। गांवों के आधे से अधिक घरों में बारिश का पानी घुस गया। वहीं लगभग 500 एकड़ में लगे धान के फसल पूरी तरह से डूब गए। तेज बारिश और आहर के टूटने से प्रखंड कार्यालय तक बारिश का पानी पहुंच गया।
कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी डूबे
भारी बारिश से कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी डूब गए। गुंजरी गेट में एमएस ट्रेडर्स के छड़ और सीमेंट गोदाम में पानी घुसने से व्यापक क्षति हुई है। संचालक मो सिराजुल ने बताया कि उन्हें 15 से 20 लाख रुपये की क्षति हुई है। गोदाम में आठ फीट तक पानी दिन लगा रहा। पत्थलगडा के संगीता देवी के मुर्गी फार्म में अचानक पानी घुसने से दो हजार मुर्गियां डूब कर मर गईं। संगीता देवी ने बताया कि उन्हें चार से पांच लख रुपए की क्षति हुई है। वहीं सीताराम दांगी के फॉर्म में पानी घुसने से तीन हजार से अधिक मुर्गी के चूजे डूब कर मर गए। उन्हें भी लाखों का नुकसान हुआ है।
रेवा पुल के समीप बबलू कुशवाहा के आवास में पानी घुसने से उन्हें व्यापक क्षति हुई है। उनके ऑनलाइन दुकान के कई उपकरण, जनरेटर और घरेलू सामान पूरी तरह से बर्बाद हो गए।
आशीष वर्मा के आरओ वॉटर प्लांट में पानी घुस आया। उनका वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। गुजरी गेट से लेकर कब्रिस्तान तक कई दुकानों और मकान पहले तल्ले तक डूबे रहे। यहां एक बोलेरो भी जमीन के नीचे धंस गया। क्रेन मंगा कर उसे देर शाम निकाला गया। पत्थलगडा, सिंघानी, लेंबोईया, तेतरिया के अधिकांश विद्यालयों में पानी घुस आया। आंगनबाड़ी केंद्र
में रखे आवश्यक प्रपत्र, खाद्यान्न और बच्चों के शैक्षणिक किट पूरी तरह से बर्बाद हो गए। कस्तूरबा विद्यालय के पूर्वी भाग का भवन का पहला तल्ला डूब गया। यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी पांच फीट तक पानी में डूब गया। प्रखंड के कई स्थानों में लगे ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं।