कटक (ओडिशा) से आकर हरिद्वार में बसे मूर्तिकार परीडा परिवार गणेश चतुर्थी की तैयारियों में जुटा हुआ है। परिवार की ओर से करीब 10 अलग-अलग रूपों के भगवान गणेश की मूर्तियां तैयार की गई है। जिसमें सबसे ज्यादा डिमांड दगड़ू सेठ, वक्रतुड और सिद्धिविनायक की है।
मूर्तिकार परीडा के अनुसार, हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, रुड़की, यमुनानगर और आसपास के कई शहरों से लोग भगवान की मूर्तियां लेने उनके पास आते हैं और एक महीने पहले ही मूर्ति की बुकिंग कर देते हैं।
परीडा मूर्तिकला केंद्र के कालीचरण परीडा ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार भगवान गणेश की मूर्ति को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस साल होली के बाद से ही भगवान गणेश की मूर्तियां बनानी शुरू कर दी गई थी। फिलहाल अभी सिर्फ छोटी मूर्तियां बची हैं, जो कि आखिरी दिनों में ही बिकती हैं। मूर्ति की शुरुआत 60 रुपये से लेकर 500 रुपये तक है।
बता दें कि यह पर्व 10 दिनों तक चलता है और इस दौरान भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा अपने घर में विराजित कर उनकी पूजा करते हैं। पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी 26 अगस्त की दोपहर 1.54 बजे से प्रारंभ होगी और यह तिथि 27 अगस्त की दोपहर 3.44 बजे तक रहेगी। हालांकि गणेश जी की स्थापना और पूजा के लिए सबसे शुभ समय 27 अगस्त का है। इस दिन आप सुबह के समय या दोपहर में शुभ मुहूर्त में गणेश प्रतिमा घर ला सकते हैं। वहीं 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन होगा।