सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता योगेश चंद्रा ने अवैध खनन से बने गड्ढे को पाटे की जानकारी दी और कहा कि कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिस पर न्यायालय ने कहा कोई अप्रिय घटना नहीं हो, इसलिए गड्ढे को पाटा जाना चाहिए, इस पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए..? वहीं इस मामले में निर्देश देते हुए अगली सुनवाई तक निगरानी रखे जाने का आदेश दिया। बता दें याचिकाकर्ता खोलबहारा केेंवट ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जो पूर्व में याचिका दायर की थी, जिसमें बताया था कि नंदेली तहसील जैजैपुर जिला सक्ती के खसरा नंबर 16/ में पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत तहसील और जिला प्रशासन स्तर पर भी की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने पर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस रिट उच्च न्यायालय ने 30 जून 2025 को सुनने के बाद आदेश देते हुए खारिज किया था। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए जनहित याचिका के रूप में दाखिल की गई और इस पूरे मामले में 27 जुलाई 2025 को सुनवाई करते हुए खनिज विभाग के सचिव से शपथ पत्र में जवाब मांगा गया, जिसे गुरुवार को पेश किया गया। वहीं आज उच्च न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई की और निगरानी में रखते हुए 23 सितंबर 2025 अगली सुनवाई तय की है।