द न्यूयॉर्क टाइम्स ने इजराइल के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि सैनिक शहर के बाहरी इलाके में पहुंच चुके हैं। सैन्य अभियान शुरू होने के बाद विस्थापित होने वाले लोगों के लिए दक्षिणी गाजा में तंबू लगाए जा रहे हैं। योजना में शहर को घेरने, आबादी को आतंकवादियों से मुक्त कराने, हमास लड़ाकों को पकड़ने के लिए सैनिक चौकियों से होते हुए दक्षिण की ओर बलपूर्वक बढ़ेंगे। गाजा शहर में भेजे गए सैनिकों की मदद के लिए लगभग 60,000 आरक्षित सैनिकों को तैयार रखा गया है। इस समय 20,000 सैनिकों को आगे बढ़ने का आदेश दिया गया है।
यह तैयारी तब शुरू हुई जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के युद्धविराम प्रस्ताव पर सहमत होने पर विचार किया है। इजराइल में बंधकों के परिवार चिंतित हैं। परिवारों का मानना है कि हमास हमले के जवाब में उन्हें मार डालेगा। इस बीच कट्टर दक्षिणपंथी नेताओं ने धमकी दी है कि अगर नेतन्याहू युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं तो वे सरकार छोड़ देंगे।
इस बीच आईडीएफ ने एक्स पोस्ट में सैन्य तैयारी की पुष्टि की है। आईडीएफ ने कहा कि सैनिकों ने गाजा के लगभग 75 फीसद से अधिक हिस्से पर परिचालन नियंत्रण कर लिया है। हमास के आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर प्रहार कर उसकी कमान शक्ति को कमजोर कर दिया गया है।आईडीएफ अपने अभियान को विस्तार देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
एनबीसी न्यूज चैनल के अनुसार, इजराइल ने गाजा शहर पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए हजारों रिजर्व सैनिकों को भेजा है। सैनिकों ने शहर के बाहरी इलाके में रह रहे लगभग दस लाख लोगों को दक्षिण की ओर धकेलना शुरू कर दिया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा सहित अमेरिका के कुछ सबसे करीबी सहयोगियों ने कहा है कि वे उन 145 से अधिक देशों में शामिल हो सकते हैं जो फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देते हैं।