मंडी के गांधी भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में पवन ठाकुर ने कहा कि जो लोग सरकाघाट में यूनिवर्सिटी खोलने का विरोध कर रहे हैं, उन्हें सरकाघाट की जनता करारा जवाब देगी। उन्होंने प्रतिपक्ष नेता जयराम ठाकुर पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के ऐलान के तुरंत बाद ही विरोध करना शुरू कर देना उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है। क्या सरकाघाट मंडी जिला का हिस्सा नहीं है? जयराम ठाकुर प्रदेश के नेता हैं या सिर्फ सराज के नेता।
उन्होंने कहा कि जब जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री थे तब सरकाघाट की कोई सुध नहीं ली गई। यहां से कई दफ्तर शिफ्ट कर दिए गए, डिपो की बसें दूसरे क्षेत्रों में भेज दी गईं और जलरक्षकों तक की नियुक्ति नहीं की गई। अब जबकि मुख्यमंत्री सुक्खू ने सरकाघाट को बड़ा संस्थान दिया है तो इसका विरोध करना सरासर अन्याय है।
पवन ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार संतुलित विकास चाहती है। मंडी जिले के अन्य हिस्सों में पहले से कई संस्थान हैं, लेकिन सरकाघाट अब तक उपेक्षित रहा। अब जाकर यहां बस अड्डा, पार्किंग, अस्पताल में बिस्तरों की बढ़ोतरी और अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी जैसी बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने सरकाघाट विधायक दलीप ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अभी तक स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि यूनिवर्सिटी के पक्ष में हैं या विरोध में।
उन्होंने कहा कि सरकाघाट सबसे ज्यादा शिक्षित क्षेत्र है और यहां के लोग सब भलीभांति देख रहे हैं। हम सरकाघाट के हितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के बाद शिमला से कुछ और ऑफिस भी सरकाघाट शिफ्ट किए जाएंगे।