छतरपुर के पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने रविवार को पत्रकार वार्ता में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि जब संदेही मनीष के बैंक डिटेल खंगाले गए, बैकग्राउंड भी चेक कर तथ्यों की बारीकी से जांच की गई तो पता चला कि मनीष का पूर्व से इंडिया वन एटीएम फ्रेंचाइजी से 17 लाख रुपये का लेनदेन का विवाद था।, जबकि 53 लाख से ज्यादा कर्ज था, उसे चुकाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से मनीष एवं उसके भाई पुष्पेंद्र अहिरवार ने लूट का षडयंत्र रचा था।
एसपी ने बताया कि घटना के एक दिन पहले विभिन्न क्षेत्र की एटीएम मशीनों में पैसे भरने के लिए महोबा की एक्सिस बैंक से रकम निकाली थी। मनीष 61 लाख से अधिक राशि लेकर कार से कस्टोडियन के साथ एटीएम में पैसे भरने जा रहे थे। मोटरसाइकिल पर सवार प्रदीप एवं रवि ने कार का पीछा करते हुए रुकवाई और कट्टा लगाकर पैसों से भरा बैग लेकर रफू चक्कर हो गए। पुलिस ने महोबा निवासी मनीष कुमार अहिरवार और उसके भाई पुष्पेन्द्र सिंह अहिरवार और रवि अहिरवार को गिरफ्तार किया है। लूटे गए रुपये, 315 बोर का देसी कट्टा, पांच मोबाइल फोन, कार, मोटरसाइकिल की बरामदगी की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपित प्रदीप अहिरवार पर लूट, चोरी, दुष्कर्म जैसे पांच अपराध पूर्व से दर्ज हैं।