उन्होंने बताया इस साल उदयव्यापिनी अष्टमी के हिसाब से जन्माष्टमी व्रत एवं पूजा 16 अगस्त को होगी। इसी दिन गोकुलाष्टमी और मोहरात्रि निशीथ शक्तिपूजन भी श्रेष्ठ रहेगा।
पंडित मनोज पांडेय ने बताया कि, आज शनिवार की सुबह से लेकर रात तक कुल नौ मुहूर्त बन रही है। जिसमें भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की जा सकती है।