उन्होंने अपने उद्बोधन में एबीवीपी के 75 साल के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि यह संगठन छात्रों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के हितों के लिए भी लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये एकमात्र ऐसा छात्र संगठन है जहां गुरू और शिष्य मिलकर काम करते हैं और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने नई कार्यकारिणी से उम्मीद जताई कि वह शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और साधारण विद्यार्थियों को भी नेतृत्व के लिए तैयार करेगी।