सुखाश्रय योजना के तहत कांगड़ा जिला में खर्च किए गए 10 करोड़ : उपायुक्त

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उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि 18 से 27 आयु वर्ग के निराश्रित बच्चों को व्यवसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और कोचिंग के साथ साथ समाज के सक्रिय सदस्य बनने में मदद करने के लिए वित्तीय और संस्थागत लाभ प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने उद्योग विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निराश्रित बच्चे अगर स्टार्ट अप आरंभ करना चाहते हैं उनकी रिपोर्ट बनाने में हर संभव मदद करें ताकि स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकें। उन्होंने कहा कि 27 वर्ष आयु से पहले हुए अनाथ बच्चों के भूमिहीन होने पर तीन विस्वा भूमि प्रदान करने का प्रावधान है इसके साथ ही आवास सुविधा के लिए तीन लाख के अनुदान का भी प्रावधान है।