स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा व प्रदेश महामंत्री जगत सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों को पिछले 4 से 6 महीने का वेतन नहीं दिया गया है। लगभग आधा साल बीत जाने के पश्चात कर्मचारियों को बिना वेतन काम करना पड़ रहा है जिससे एनएचएम कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले 20 अगस्त को अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई बैठक में निर्णय हुआ था कि सैलरी के लिए 3 माह के एडवांस बजट का प्रावधान किया जाएगा परंतु जिस प्रकार से एनएचएम कर्मचारियों के वेतन को रोका जा रहा है वह न्यायसंगत नहीं है और श्रम कानूनों की भी उल्लंघन है। प्रत्येक माह कर्मचारियों को अपने बच्चों की फीस जमा करवाने के साथ-साथ घरेलू सामान भी खरीदना पड़ता है। इसके अलावा मासिक किस्त भी बैंक में जमा करनी होती है। वेतन न मिलने से न केवल यह सारे काम प्रभावित हो रहे हैं वहीं रक्षाबंधन का त्यौहार भी फीका मनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह भारतीय मजदूर संघ के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में रूका हुआ वेतन दिलवाने व अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन स्थित आज भी ज्यों की त्यों बनी हुई है जिससे कर्मचारियों में निराशा है। ऐसा करके सरकार कर्मचारियों को आंदोलन के लिए उकसा रही है। संघ ने निर्णय लिया है कि यदि रक्षाबंधन के त्यौहार तक एनएचए कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया जाता तो 9 अगस्त को सभी कर्मचारी काली रंग की राखी अपनी बहनों से बंधवाएंगे और सरकार व अधिकारियों के खिलाफ सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसी प्रकार जब तक वेतन नहीं मिलता, कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. विष्णु मित्तल, कुलदीप मैनेजर, रामनिवास, कपिल शर्मा, सुभाष यादव, संदीप, अमनदीप, जयवीर, संतोष, विमल, वीना सहित अनेक एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।—-