जानकारी में सामने आया कि पद भार ग्रहण के बाद पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने यह पहली अपराध गोष्ठी ली। इसके शुरुवात में वृत्ताधिकारी व थानाधिकारीयों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान पिछले वर्षों की तुलना में जिले में अपराध प्रबंधन एवं इन्हें रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए। गंभीर प्रकृति के अपराधों को शीघ्र पंजीबद्ध कर खुलासा करने, पुलिस हिरासत में अपराधी की मौत को गंभीरता से लेते हुए उस पर सजगता रखने, आगामी मेला त्योहारों पर कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की अपराधियों से संलिप्तता पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।एसपी मनीष त्रिपाठी ने विभिन्न मामलों में वांछित चल रहे अपराधियों एवं न्यायालय से घोषित स्थाई वारंटीयों की गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान देकर अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिले में महिला अत्याचार व कमजोर वर्ग के खिलाफ अपराधों में कमी लाने, सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में कमी लाने की बात कही। वहीं संपत्ति संबंधी अपराधों में कमी, वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर गोष्ठी में एसपी मनीष त्रिपाठी के अलावा एएसपी चित्तौड़गढ़ मुख्यालय सरिता सिंह, रावतभाटा भगवतसिंह, महिला अपराध एवं अनुसंधान सेल मुकेश सांखला सहित जिले के समस्त वृत्ताधिकारी व थानाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ उपस्थित था