पुलिस को सूचना मिलने पर गालूडीह थाना और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। परिजनों ने बताया कि 31 जुलाई को प्रबीर दास को वेतन मिला था और उसी दिन कार की ईएमआई भरने को लेकर पत्नी सबिता दास से कहासुनी हुई थी। नाराज होकर वे दोपहर करीब तीन बजे घर से निकल गए और फिर वापस नहीं लौटे।
तीन दिन तक परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में खोजबीन की, लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो गालूडीह थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रविवार सुबह जब क्वार्टर से दुर्गंध आने लगी तो परिजन और पुलिस ने मिलकर पुराने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा, जहां फर्श पर प्रबीर दास का शव पड़ा मिला।
पुलिस ने मौके पर जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक की पत्नी सबिता दास, बेटा राजा दास और बेटी रिंकी दास का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस खुदकुशी और अन्य सभी पहलुओं की जांच कर रही है।