मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ‘प्रधानमंत्री धन्य धान योजना’ पर 24,000 हज़ार करोड़ खर्च करेगी। साथ ही तीन करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने जनधन योजना की 10वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए बताया कि 55 करोड़ लोगों के खाते खोले गए हैं। साथ ही, उन्होंने 1 जुलाई से ग्राम पंचायत स्तर पर शुरू हुए केवाईसी अभियान की जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जनता को सुविधा देना है। इस दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 28,894 लाभार्थियों को 137 करोड़ की राशि भी ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री ने आदिवासियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छात्रावास निर्माण, मानगढ़ धाम के विकास, और बांसिया भील व काली बाई भील के पैनोरमा बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वागड़ क्षेत्र में स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को देशभर में पहचान दिलाई जा रही है।
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और ‘बाप’ पार्टी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियाँ आदिवासियों को आपस में लड़ा रही हैं। ‘बाप’ पार्टी के एक नेता के बयान ‘हमें अभी आजादी नहीं मिली’ पर उन्होंने कहा कि मंगलसूत्र और बिंदी न लगाने की बात करके हमारी विरासत को खत्म करने की साजिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेता अपने बच्चों को बाहर पढ़ाते हैं, लेकिन यहाँ के युवाओं को भड़काकर वोट बटोरते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे नेताओं को सबक सिखाने की अपील की।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने साफा पहनाकर स्वागत किया। भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी के नेतृत्व में 51 किलो का हार पहनाया गया, जबकि महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने लकड़ी का हल और तीर-कमान भेंट किया। प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने उन्हें ट्राइबल आर्ट भेंट की।
इस अवसर पर गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, डूंगरपुर जिला प्रमुख सूर्या आहारी, सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, जिला प्रमुख रेशम मालवीया, पूर्व सांसद कनक मल कटारा और अन्य कई प्रमुख नेता मौजूद थे। प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी और सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने भी सभा को संबोधित किया, जबकि आभार पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने व्यक्त किया।