यह कदम झालावाड़ जिले के पिपलोदी में एक स्कूल की छत गिरने की दुर्घटना के बाद सरकारी स्कूलों के भवनों की जांच के दौरान सामने आया। ऋषभदेव ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय नलाफला के भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया था और उसमें बच्चों की पढ़ाई पर रोक लगा दी गई थी।
बच्चों की शिक्षा रुकती देख, प्रकाश मीणा ने गांव की सरपंच अनिता देवी और प्रधानाचार्य संतोष व्यास के सामने अपने घर को स्कूल चलाने के लिए देने का प्रस्ताव रखा। उनका घर स्कूल से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे बच्चों को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। प्रकाश मीणा की इस पहल की उप प्रधानाचार्य लक्ष्मण लाल मीणा, विद्यालय प्रधान चंद्रिका मीणा, अध्यापिका बसंती मीणा और गांव के अन्य लोगों ने सराहना की है।