सुपोषित सरगुजा अभियान के तहत जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के लगभग 9500 कुपोषित बच्चों को अब सप्ताह में छह दिन अतिरिक्त पोषण आहार दिया जाएगा।सोमवार, बुधवार, शुक्रवार अंडा या केला और मंगलवार, गुरुवार, शनिवार भुने चने का सत्तू और गुड़ को आहार में शामिल किया जाएगा।
यह पहल टेक होम राशन और गरम भोजन योजना के पूरक के रूप में संचालित होगी। इसका उद्देश्य बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करते हुए उनके शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री अन्नकोष योजना के तहत जिले की 459 पहाड़ी कोरवा गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को प्रतिमाह 1 किलो चना और 1 किलो मूंग दाल निरूशुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, पोषण सामग्री के सही उपयोग और पकाने की विधियों की जानकारी भी महिलाओं को दी जाएगी ताकि वे अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
वर्तमान में इन महिलाओं को सप्ताह में एक बार 900 ग्राम रेडी-टू-ईट पैकेट प्रदान किया जाता है, जो कि शिशु के स्तनपान पर निर्भरता की स्थिति में अपर्याप्त होता है। ऐसे में यह नई योजना उनके लिए पोषण का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरेगी।
यह पहल प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो विशेष पिछड़ी जनजातियों की सामाजिक, पोषणीय और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य कर रहा है।