सूत्रों के अनुसार स्कूल भवन के गिरने से कुछ ही देर पूर्व, स्कूली बच्चे बरामदे में बैठकर मध्यान भोजन कर रहे थे। भोजन करने के बाद सभी बच्चे हांथ मुंह धोने बरामदे के बाहर निकलकर खेल कूद कर रहे थे। उसी समय यह विभत्स हादसा हुआ।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय राय ने बताया कि भवन पुराना और जर्जर था। भवन का उपयोग नहीं किया जा रहा था। बच्चे कभी कभार बरामदे में बैठकर मध्यान भोजन किया करते थे। विभाग को इसकी सूचना लिखित रूप से कई बार दे दी गई है। दोपहर में तेज आवाज के साथ विद्यालय का एक हिस्सा गिर गया। बच्चे घटना से पूर्व ही मध्यान्ह भोजन कर चुके थे। कोई बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन घटना के बाद बच्चे और उनके अभिभाावकों में खौफ का माहौल है। शिक्षकों और अभिभावकों ने इस घटना को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि विद्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आते हैं। भविष्य में ऐसी कोई गंभीर हादसा न हो। इसके लिए जल्द से जल्द सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है।