दिनभर उत्सव का माहौल रहा। युवाओं ने पारंपरिक खेल ठाकरा और रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वातावरण को जीवंत बना दिया। पश्चिम चंपारण सहित बेतिया से निकले महावीरी झंडा जुलूस ने नगर में उल्लास भर दिया। मंडलियों ने लाठी, करतब और पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य व प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध किया। यह जुलूस थाना परिसर से प्रारंभ होकर अशोक स्तंभ चौक तक गया।
पर्व की खास बात रही — हिंदू-मुस्लिम समुदायों की साझा भागीदारी। इससे इलाके में गंगा-जमुनी संस्कृति की सुंदर झलक दिखी। मंच से प्रतियोगिता विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। प्रखंड प्रमुख शंभू तिवारी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा, “ऐसे कार्यक्रम न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का काम भी करते हैं।”
वीडिओ संजीव कुमार ने युवाओं की भागीदारी को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा, “पर्व समाज को एक दिशा देते हैं और युवा पीढ़ी को जोड़ते हैं अपनी संस्कृति से।” सीओ नितेश कुमार सेठ ने कहा, “यह पर्व सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक है। प्रशासन हर सकारात्मक पहल में लोगों के साथ खड़ा है।”
कार्यक्रम के समापन पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा पुलिस बल एवं श्रम निरीक्षक स्तुति कुमारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीषकर ने विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। अधिकारियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता, संस्कृति और भाईचारे को मजबूती प्रदान करते हैं।