पंजाब सरकार ने बदली लैंड पूलिंग नीति, किसान को एक लाख रुपये सालाना देगी सरकार

Share

चंडीगढ़, 22 जुलाई । पंजाब में विपक्षी राजनीतिक दलों से लैंड पूलिंग का मुद्दा छीनते हुए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर हालिया लैंड पूलिंग पॉलिसी में बदलाव कर दिया है। इन संशोधनों का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि अब ज़मीन पूलिंग में शामिल होने वाले किसानों को ज़मीन विकसित होने तक उनके गुजारे के लिए सरकार सालाना एक लाख रुपये देगी, जो पिछली सरकारों की राशि 20 हजार रुपये से सीधे पांच गुना अधिक है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस एक लाख रुपये की राशि पर हर साल 10प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाते हुए अब 21 दिनों के भीतर ही किसानों को लेटर ऑफ इंटेंट (लेटर ऑफ इंटेंट) मिल जाएगा। किसान की सहूलियत के लिए सरकार ने प्रावधान किया है कि लेटर ऑफ इंटेंट को बेचा भी जा सकता है और इस पर लोन भी लिया जा सकता है। साथ ही, जब तक प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं होता, किसान अपनी ज़मीन पर खेती कर सकेंगे और उन्हें सरकार से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त वार्षिक मदद भी मिलेगी। पूरी प्रक्रिया के दौरान ज़मीन की खरीद-बिक्री पर कोई रोक नहीं लगेगी और किसान जब चाहे ज़मीन की खऱीद बेच और रजिस्ट्री करवा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार सरकार ऐसी योजना लाई है जिसमें कोई अधिग्रहण नहीं होगा बल्कि किसान की मर्जी होगी कि वो ज़मीन देकर पंजाब के विकास में भागीदार बनना चाहता है या नहीं। संशोधित नीति के तहत भूमि मालिकों को अब एक कनाल अधिग्रहित की गई भूमि के बदले 125 वर्ग गज का प्लॉट और 25 गज व्यावसायिक भूमि मिलेगी। इसके अलावा विभाग द्वारा लेटर ऑफ इंटेंट (एल.ओ.आई.) जारी किया जाएगा, जिससे भूमि मालिक बैंकों से ऋण लेने के योग्य बन सकेंगे।