यमुनानगर में साै से अधिक भूसे के कूपों में लगी आग, कोई जानी नुकसान नहीं
यमुनानगर, 3 जून (हि.स.)। खंड रादौर के लक्षीबांस गांव में 100 से अधिक भूसे के कूप और बीटोडे में भीषण आग से हड़कंप मच गया। इसमें लाखों रूपये का नुकसान हो गया। ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ी अनहोनी टल गई। दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया गया। गनीमत यह रही की कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका।
यमुनानगर जिले के रादौर खंड के गांव लक्षीबांस में मंगलवार तड़के लगभग चार बजे पशुओं के सूखे चारे, भूसे के कूप और उपलों से बने बिटोडों में अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते 100 से ज्यादा भूसे के कूप और इतने ही उपलों के बिटोडे जलकर राख हो गए। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया।
गांव के अमन कुमार और सुभाष चन्द्र का कहना है कि रात के समय गांव के कुछ लोग अपने घर की छतों पर सोए हुए थे। तभी करीब चार बजे किसी ग्रामीण ने गांव के पास आग की लपटें देखीं। उसने तुरंत गांववासियों को इस बारे में बताया, जिसके बाद सभी लोग मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने की कोशिश में लग गए। लोगों ने बिना देरी किए पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। जिस पर तुरंत दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
दमकल कर्मियों के साथ-साथ ग्रामीण भी अपने स्तर पर बाल्टियों, पाइपों और ट्यूबवेल के पानी से आग बुझाने में जुटे रहे। हालांकि, आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन आशंका जताई जा रही है कि यह घटना शॉर्ट सर्किट या किसी जली हुई बीड़ी-सिगरेट के कारण हो सकती है।
गांव के किसानों और मजदूरों का कहना है कि इस आगजनी की वजह से उनका लाखों रुपये का नुकसान हो गया है, क्योंकि यह चारा और उपले उनके पशुओं के लिए पूरे साल भर के लिए स्टोर की तैयारी के रूप में इकट्ठा किए गए थे। प्रशासन का कोई भी व्यक्ति अभी तक उनके गांव नहीं पहुंचा। ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।