मंदसौर के भावगढ़ थाना क्षेत्र में एक ट्रैजिडी के तहत 13 वर्षीय लड़की के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह नाबालिग का शव पांच महीने पहले एक बोरी में मिला था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के बरवास कला गांव के निवासी हैं और उदयपुर के पीआईएमएस अस्पताल में काम करते थे। आरोपियों ने काफी समय तक इस नाबालिग के साथ दुराचार किया। जब लड़की बीमार होने लगी, तो इन तीनों ने उसे हत्या कर शव को फेंकने का निर्णय लिया।
पुलिस को 27 दिसंबर 2024 को शव मिलते समय गले में लाल धागे वाली जड़सली माला मिली थी। यह माला सालमगढ़ के एक स्थानीय ग्रामीण ने बनाई थी। इसके अलावा लड़की के शरीर पर ‘BS’ का टैटू भी अंकित था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आस-पास के गांवों से पूछताछ शुरू की। सोशल मीडिया, रेडियो, और ई-रक्षक ऐप के माध्यम से लड़की की पहचान की कोशिश की गई। मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों में लापता बच्चियों की जानकारी भी एकत्र की गई।
इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के लिए साइबर सेल और फोरेंसिक टीम की सहायता ली गई। कुल मिलाकर 10 टीमों का गठन किया गया, जिनमें से 5 टीमों ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जबकि बाकी 5 टीम ने गांव-गांव जाकर पूछताछ की। ऐसे संकेत मिले कि शव के गले में मिली जड़सली माला बरवास कला गांव के दो व्यक्तियों द्वारा बनाई गई थी। जब पुलिस ने संदेह के आधार पर इन व्यक्तियों को पकड़ा, तो उन्होंने अपनी पहचान बद्रीलाल और रामलाल निनामा के रूप में बताई। ये दोनों भी उदयपुर के PIMS अस्पताल में काम करते थे।
मंदसौर के एसपी अभिषेक आनंद के अनुसार, आरोपी बद्रीलाल और रामलाल सगे भाई हैं, और रमेश इनका साथी है। सभी मिलकर बच्ची के संपर्क में आए और उसे अपने घर ले गए। इसके बाद उन्होंने कई महीनों तक उस नाबालिग के साथ बलात्कार किया। जब बच्ची की तबियत बिगड़ने लगी, तो इन तीनों ने उसकी हत्या का निर्णय लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने रमेश के साथ मिलकर नाबालिग से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर शव को बोरी में भरकर चुपना रोड पर स्थित मजेसरई गांव के पास झाड़ियों में फेंक दिया।
जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि मृतका पीआईएमएस अस्पताल में आरोपियों के साथ रह रही थी। अस्पताल के ठेकेदार के अनुसार, आरोपी कुछ दिनों से छुट्टी पर थे। वर्तमान में तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और उन्हें गुरुवार दोपहर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस रिमांड पर उनकी हिरासत बढ़ाने का प्रयास करेगी। यह मामला न केवल क्षेत्र में बल्कि पूरे देश में सुरक्षा और न्याय के मुद्दों को भी ताजगी से उठाता है।