भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच लगातार तीसरे दिन जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली है। सोमवार की रात लगभग 9 बजे इन क्षेत्रों में ड्रोन दिखाई दिए, जिन्हें देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रियता बढ़ा दी। जम्मू-कश्मीर के सांबा और पठानकोट में भारतीय वायु रक्षा बलों ने कुछ ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट किया। वहीं, पंजाब के होशियारपुर में विस्फोट की आवाजें भी सुनाई दीं, जिसके चलते पूरे जिले में बिजली काट दी गई।
भारतीय सेना ने देर रात 11:30 बजे एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वर्तमान में किसी दुश्मन के ड्रोन की कोई सूचना नहीं है, और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय-भाइरिज की शांति प्रक्रिया के तहत हालात सामान्य बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस बीच, सोमवार को भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों ने सीजफायर का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई।
10 मई को शाम 5 बजे से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू किया गया था। पिछले तीन दिनों से, तीनों सेनाओं के डीजी ऑपरेशन और ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित जानकारी एक-दूसरे के साथ साझा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ है, और इसी उद्देश्य से आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए हैं। हालांकि, पाकिस्तान ने आतंकवादियों का अडिग समर्थन जारी रखा है।
7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद से पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी में भारतीय पक्ष के 5 सेना और 2 बीएसएफ जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि 60 से अधिक घायल हुए हैं। इसके अलावा, इस संघर्ष में 27 नागरिकों की जान भी गई है। यह स्थिति न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में बल्कि संपूर्ण भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भारी पड़ रही है, जिससे तनाव बढ़ता जा रहा है।
इन घटनाओं को देखते हुए, सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्रोन गतिविधियों की जानकारी जुटाई और घटना के वक्त आवश्यक कदम उठाए। तीन राज्यों में देखे गए ड्रोन की गतिविधियों से यह स्पष्ट है कि सीमा पर स्थिति बहुत संवेदनशील है। जनता से अपील की गई है कि वे इस समय सतर्क रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अधिकारियों को दें।
भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है, और हर विकास पर नज़र रखी जा रही है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति में अपनी चिंता जता रहा है और शांति की आवश्यकता को रेखांकित कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में जो हालात बने हैं, वे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की आवश्यकता है।