लखनऊ का अद्भुत बड़ा मंगल: 1000 भंडारे, हनुमानजी को सोने का मुकुट!

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आज जेष्ठ महीने के पहले दिन को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जा रहा है। इस बार पूरे जेष्ठ माह में कुल पांच बड़े मंगल होंगे, जिनमें से पहले बड़े मंगल के अवसर पर लखनऊ में भंडारों की बाढ़ आई हुई है। नगर निगम के अंतर्गत अकेले 348 व्यक्तियों ने भंडारे के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिससे यह स्पष्ट है कि भक्तों का उत्साह इस बार विशेष है। सोमवार रात 12 बजे से ही शहर के विभिन्न मंदिरों में हनुमानजी की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था। प्रमुख मंदिरों में जैसे अलीगंज प्राचीन मंदिर, हनुमान सेतु एवं हनुमंतधाम में भक्तों का तांता लगा हुआ है। यहाँ भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ भी जारी है, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति का संचार हो रहा है।

अलीगंज मंदिर में भंडारे की तैयारियाँ भव्य रूप से की गई हैं, जहाँ भक्तों के लिए सुंदरकांड पाठ और घूमने की व्यवस्था है। यहां दर्शन सोमवार रात 12 बजे से प्रारंभ हो गए हैं। इसके साथ ही, हनुमान सेतु मंदिर, जो लखनऊ विश्वविद्यालय के पास स्थित है, में 24 घंटे दर्शन की व्यवस्था रखी गई है, जहां भक्त निरंतर दर्शन कर सकेंगे। छाछी कुआं मंदिर, जो मेडिकल कॉलेज चौराहे पर स्थित है, में भी विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं, जैसे गर्मी से राहत पहुँचाने के लिए कूलर की व्यवस्था। यहाँ सुबह 4:30 बजे आरती के बाद दर्शन शुरू हो गए हैं।

हनुमंत धाम में भी भक्तों के लिए सुंदरकांड का पाठ हो रहा है और दोपहर 2 बजे से भंडारे की शुरुआत होगी। भक्तों के लिए दर्शन और प्रसाद वितरण की आदर्श व्यवस्था की गई है। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भक्त मंदिर में चढ़ावे के रूप में मुकुट, सिंदूर और गदा चढ़ा रहे हैं। मंदिर प्रबंधन और पुलिस बल व्यवस्था को बनाए रखने में जुटा हुआ है। नगर निगम ने भी इस अवसर पर विशेष कदम उठाए हैं, जिसमें भंडारों के लिए मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं ताकि कोई भी शिकायत या रजिस्ट्रेशन आसानी से हो सके।

पुलिस प्रशासन ने बड़ा मंगल के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन योजना लागू की है। यह योजना सोमवार रात 12 बजे से शुरू हो गई थी और आयोजन के समाप्त होने तक जारी रहेगी। जिन स्थानों पर भक्तों की अधिक भीड़ होने की संभावना है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। ज्वाइंट सीपी लॉ एंड ऑर्डर बबलू कुमार के अनुसार, हनुमान सेतु और अलीगंज प्राचीन हनुमान मंदिर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भक्तों को कोई कठिनाई न हो।

बड़ा मंगल की परंपरा और मान्यता भी काफी विशेष है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने का हर मंगलवार विशेषता रखता है और इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस दिन हनुमानजी के वृद्ध स्वरूप की पूजा की जाती है। यह पर्व लखनऊ की संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत जनसंख्या भाग लेती है। ऐसी मान्यता है कि अवध के नवाब शुजाउद्दौला की बेगम मल्लिका आलिया ने एक स्वप्न देखा था, जिसके बाद गोमती नदी के किनारे हनुमान जी की मूर्ति निकाली गई थी। इस घटना के बाद से बड़े मंगल का भंडारा शुरू हुआ, जिसकी परंपरा आज भी जीवित है।