जब इमरान खान ने शाहरुख को डांटा: ऑटोग्राफ कांड का चौंकाने वाला रहस्य!

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भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौर में, एक कहानी साझा करने जा रहे हैं जिसमें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान की मुलाकात का जिक्र है। यह घटना उस समय की है जब इमरान खान केवल एक क्रिकेटर थे और शाहरुख खान ने अभी तक फिल्म इंडस्ट्री में कदम नहीं रखा था। कम ही लोग जानते हैं कि देव आनंद, जिनका भारतीय सिनेमा में बहुत बड़ा नाम था, एक समय में इमरान खान को अपनी फिल्म में काम करने के लिए मनाने इंग्लैंड तक गए थे।

यह मजेदार किस्सा एक टीवी शो में शाहरुख खान ने बताया था, जिसमें उन्होंने साझा किया कि वह इमरान खान के बड़े फैन थे। एक मैच के दौरान, जब इमरान खान भारत आए थे, और पाकिस्तान की टीम फाइनल में हार के करीब थी, इमरान मात्र 30 रन बनाकर आउट हो गए। इमरान को उम्मीद थी कि वह टीम को एक बड़ा स्कोर दिलाएंगे, लेकिन ऐसा न हुआ। स्टेडियम से बाहर निकलते वक्त, शाहरुख उनके पास गए और ऑटोग्राफ मांगने की कोशिश की। उस पल में बौखलाए इमरान ने शाहरुख को डांटते हुए रास्ते से हटने को कह दिया, जिससे शाहरुख काफी निराश हुए थे।

इसके बाद, 2008 में उनकी फिर से मुलाकात हुई जब शाहरुख खान एक इवेंट में भाग ले रहे थे। इस बार, उन्होंने पहली मुलाकात की कहानी सुनाई, जिससे इमरान खान को हंसी आ गई। उस समय दोनों के बीच एक अच्छा बंधन विकसित हुआ। इमरान खान का भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ाव काफी चर्चित रहा है। उन्होंने बॉलीवुड की कई अदाकाराओं के साथ रिश्तों की खबरों में नाम दर्ज कराया है, जैसे कि रेखा, जो कथित तौर पर इमरान से शादी करना चाहती थीं।

इसके अतिरिक्त, इमरान खान ने एक पुराने इंटरव्यू में यह भी बताया था कि देव आनंद ने उन्हें फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव दिया था। इमरान ने इस ऑफर को ठुकरा दिया, यह कहते हुए कि वह नाटक में अभिनय भी नहीं कर पाए। देव आनंद ने इस किस्से का जिक्र अपनी ऑटोबायोग्राफी में किया था। इसी तरह, फिल्म निर्माता इस्माइल मर्चेंट ने भी इमरान को फिल्म में काम करने के लिए कहा, लेकिन इमरान ने दृढ़ता से मना कर दिया।

जब इमरान खान ने अपनी माँ के नाम पर कैंसर अस्पताल स्थापित करना शुरू किया, तब उन्हें आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस कठिनाई में, बॉलीवुड के दिग्गज दिलीप कुमार सबसे पहले मदद के लिए आगे आए। दिलीप कुमार ने खुद फंड इकट्ठा करने में मदद की और पाकिस्तान तथा लंदन के विभिन्न जगहों पर लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की। दिलीप कुमार की इस सहायता ने इमरान की पहल को मजबूती प्रदान की और उन्हें अपने मिशन को आगे बढ़ाने में सहायता मिली।

इस तरह की कहानियां न केवल दो देशों के बीच के संबंधों को और मजबूत करती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि किस प्रकार खेल और कला के क्षेत्र में सीमाएं धुंधली होती हैं। इमरान खान और शाहरुख खान का यह किस्सा, इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है।