देश सेवा से विदाई के बाद गांव लौटे मनोज का जोरदार स्वागत
पश्चिम सिंहभूम, 4 मई (हि.स.)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 38 वर्षों की लंबी और समर्पित सेवा के बाद सेवानिवृत्त होकर लौटे मनोज किशोर पिंगुवा का उनके पैतृक गांव धनसारी में भव्य स्वागत किया गया।
ग्रामीणों ने गौरव और गर्व के इस क्षण को ऐतिहासिक बना दिया।
मनोज पिंगुवा के स्वागत के लिए गांव में विशेष तैयारियां की गई थीं।
पिंगुवा की अगुवाई में महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने भारत माता की जय के नारों के साथ उनका जोरदार अभिनंदन किया।
उन्हें फूल-मालाओं से लादकर, हल्दी और तुलसी जल छिड़क कर पारंपरिक रीति से स्वागत किया । ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के बीच गांव में उत्सव जैसा माहौल था।
स्व. चंद्रमोहन पिंगुवा के सुपुत्र मनोज के सम्मान में पूरे गांव ने एकजुट होकर भाग लिया।
इससे पहले चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर भी मनोज का स्वागत शिक्षकों और शुभचिंतकों ने किया। स्वागत करने वालों में सालेन पाट पिंगुवा, योगेन्द्र मुंडरी, कनाय बिरुवा और सतीश पिंगुवा प्रमुख रूप से शामिल थे।
मनोज पिंगुवा ने 1986 में बीएसएफ में चयनित होकर हजारीबाग में योगदान दिया था, और जोधपुर में प्रशिक्षण पूरा किया। वे देश की विभिन्न सीमाओं पर तैनात रहे और किशनगंज (बिहार) से सेवानिवृत्त हुए।
गांव के लोगों ने उन्हें “गांव का गौरव” बताया और उनके सेवा भाव पर गर्व व्यक्त किया। मौके पर उनकी पत्नी वरुणलता पिंगुवा, पुत्र राजवीर, पुत्री कस्तूरी, सन्नी पाट पिंगुवा, जोटिया पाट पिंगुवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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