पेयजल की समस्या जल्द नहीं सुधारी गई तो पीएचई विभाग का किया जाएगा घेराव : लखेश्वर बघेल
जगदलपुर, 4 मई (हि.स.)। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सुशासन त्याेहार के तहत विभिन्न शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिनमें सबसे अधिक आवेदन पेयजल संकट को लेकर सामने आए हैं, यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल समस्या एक गंभीर और जमीनी हकीकत बन चुकी है। इस विषय पर कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। जल जीवन मिशन अधूरा, ग्रामीणों की उम्मीदें टूटीं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।
पंचायत स्तर पर मौजूद हैंडपंपों की संख्या औसतन 10 से 15 होती है, लेकिन वर्तमान में अधिकांश हैंडपंप या तो सूख चुके हैं या उनमें पानी बहुत कम निकल रहा है, जल स्तर में गिरावट के बावजूद हैंडपंपों की मरम्मत और सुधार कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं, विभागीय अधिकारियों द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा है कि पाइप की कमी है और सामग्री मंगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन सुधार कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहा। उन्हाेने कहा कि शासन-प्रशासन लापरवाही के कारण् जल जीवन मिशन के बावजूद पानी की समस्या काे लेकर ग्रामीण परेशान हैं। पेयजल की समस्या जल्द नहीं सुधरी गई तो पीएचई विभाग का घेराव किया जाएगा ।
उन्हाेंने कह कि राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन बस्तर जिले के कई ग्राम पंचायतों में यह योजना अधूरी छोड़ दी गई है। अधिकांश स्थानों पर ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर चले गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों की शिकायत है कि नलों में पानी आना तो दूर, कई जगहों पर पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई है। जिन स्थानों पर बिछाई भी गई है, वहां सप्लाई चालू नहीं हो पाई है। विभाग के अधिकारी भी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि यह योजना कब तक पूरी होगी और कब तक लोगों को उनके घरों में पानी मिलना शुरू होगा। पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती जा रही है शासन-प्रशासन पर लोगों का भरोसा डगमगाने लगा है, विधायक बघेल का कहना है कि जब तक प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेता, तब तक समाधान संभव नहीं है।
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