नक्सलवाद के कारण खूंटी आना नहीं चाहते थे फिल्म निर्माता: प्रसून्न चटर्जी
खूंटी, 3 मई (हि.स.)। नक्सलियों का खौफ खत्म होते ही फिल्म जगत के कई निर्माता, निर्देशक और अन्य फिल्मकार खूंटी आने लगे हैं। कुछ साल पहले तक नक्सवाद को लेकर खूंटी जिला देश भर में इतना अधिक बदनाम हो गया था कि यहां बड़े फिल्म निर्माता निर्देशक यहां आना नहीं चाहते थे। जाने माने फिल्मकार विश्वजीत चटर्जी के पुत्र प्रसून्न चटर्जी अपने 200 लोगों की टीम लेकर शनिवार को खूंटी के प्रसिद्ध रानीफॉल जलप्रपात में काका बाबू फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे।
प्रसुन्न चटर्जी इस फिल्म के प्रोड्यूसर होने के साथ ही कलाकार भी हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अरूण कुमार निभा रहे आईपीएस अधिकारी की भूमिका
काका बाबू फिल्म में झारखंड के आईएएस अधिकारी अरूण कुमार आईपीएस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। शनिवार को वे रानीफॉल के सेट पर पहुंचे थे।
यह जानकारी देते हुए काका बाबू फिल्म के एसक्यूटिव प्रोड्यूसर स्यान ने बताया कि रानीफॉल में एक दिन की शूटिंग होगी। उन्होंने बताया कि उनके साथ कोलकाता से 200 लोगों की टीम आई है। इसके अलावा स्थानीय लोगों को भी फिल्म की शूटिंग में छोटे-छोटे रोल दिए गए हैं।
फिल्म जगत के लोग खूंटी आने से डरते हैं।
स्यान ने कहा कि फिल्म जगत के लोगों के मन में नक्सलवाद और उग्रवाद का भय बना रहता था, लेकिन देवघर के लाइन प्रोड्यूसर के शरद चंद्र और विरेंद्र मोहन ने उन्हें खूंटी आने में मदद की। शूटिंग से पहले उनकी टीम ने एसपी अमन कुमार से मुलाकात की। उसके बाद एसपी की ओर से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई। स्यान ने कहा कि उन्हें खूंटी के संबंध में जैसी जानकारी दी गई थी, यहां की परिस्थितियां उससे भिन्न हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग बहुत ही भोले और प्यारे हैं।
कर्नाटक के हम्पी की तरह ही है झारखंड का रानीफॉल
स्यान ने कहा कि जो शूटिंग रानीफॉल में हो रही है, उसे कर्नाटक के हम्पी में होना था, लेकिन कुछ ऐसे मामले आए कि हम्पी में शूटिंग नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इसके बाद जब उन्होंने फिल्म शूटिंग के लिए लोकेशन सर्च करना प्रारंभ किया, तो उन्हें हम्पी की तरह ही खूंटी का रानीफॉल मिला, जहां शनिवार को शूटिंग हुई।
सांसद, डीडीसी और एसडीएम से मिले स्यान
एस्क्यूटिव प्रोड्यूसर स्यान नरे सांसद कालीचरण मुंडा, डीडीसी श्याम नारायण राम और एसडीएम दीपेश कुमारी से मिले। उन्होंने फिल्म की शूटिंग से संबंधित जानकारियां सांसद और अधिकारियों को दी। इस दौरान खूंटी को फिल्म शूटिंग के अनुकुल विकसित करने पर भी चर्चा की गई। सांसद और अधिकारियों ने फिल्म प्रोडयूसर को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
—————