आयुर्वेद अनुसंधान को मिलेगा वैज्ञानिक आधार

Share

आयुर्वेद अनुसंधान को मिलेगा वैज्ञानिक आधार

जोधपुर, 03 मई (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति की उपस्थिति में जीवन रेखा एनालिटिकल सेंटर संभाजीनगर महाराष्ट्र एवं आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के मध्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं शोध सहयोग हेतु एमओयू हुआ। इस अवसर पर जीवन रेखा एनालिटिकल सेंटर के निदेशक व गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एसएस सावरीकर की विशेष उपस्थिति रही।

समझौते का उद्देश्य आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक परीक्षण, प्रमाणीकरण और शोध को आधुनिकतम तकनीकों की सहायता से उच्च गुणवत्ता प्रदान करना है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि आयुर्वेद को वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में स्थापित करने के लिए हमें पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक परीक्षण विधियों को जोडऩा होगा। जीवन रेखा एनालिटिकल सेंटर जैसे संस्थानों के सहयोग से हमारे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को गुणवत्ता आधारित परीक्षण एवं विश्लेषण की सुविधा मिलेगी।

यह एमओयू आयुर्वेदिक शोध को वैज्ञानिक आधार प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। संस्थान के निदेशक प्रो. एसएस सावरीकर ने कहा कि जीवन रेखा एनालिटिकल सेंटर देश की एक उत्कृष्ट संस्थान है, जहां आयुर्वेदिक औषधियों का परीक्षण अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से किया जाता है। संस्थान में एक्स-रे डिफ्रैक्शन, एक्स-रे फ्लोरेसेंस, फोरियर ट्रांसफॉर्म इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, जो औषधियों की संरचना, शुद्धता तथा प्रभाव की वैज्ञानिक जांच में सहायक हैं।

कार्यक्रम में डॉ. ममता प्रजापति, डॉ. मुकुंद सबनीस, डॉ. मनीषा गोयल, डॉ. रवि प्रताप सिंह तथा विश्वविद्यालय के पीजी शोधार्थीगण उपस्थित रहे।