जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम : सुदेश

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जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम : सुदेश

रांची, 1 मई (हि.स.)। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने केंद्र सरकार की ओर से जातीय जनगणना कराने के फैसले की सराहना की है।

इस निर्णय को सामाजिक समानता, न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए सुदेश ने गुरुवार को कहा कि इस निर्णय को देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाला बताया है।

उन्होंने कहा कि देश में मूल जनगणना के साथ ही ‘जातीय जनगणना कराने के केंद्र सरकार के फ़ैसले से सामाजिक न्याय का अध्याय अत्यंत मजबूत होगा। यह देश के एक एक आम जनमानस की मांग थी। इससे भविष्य का भारत बनाने में एक बड़ा आधार मिलेगा।

उन्होंने कहा है कि आजसू पार्टी ने समय-समय पर लगातार जातीय जनगणना की मांग उठाई है और यह फैसला पार्टी के दीर्घकालिक संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।

उन्होंने झारखंड के संदर्भ में इस निर्णय के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा की झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है, जहां आदिवासी, दलित, पिछड़े, अलसंख्यक और अन्य वंचित समुदायों ने ऐतिहासिक रूप से सामाजिक-आर्थिक उपेक्षा का सामना किया है।

आजसू पार्टी ने हमेशा इन समुदायों की आवाज को बुलंद किया और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। हमने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि बिना जातीय जनगणना के इन समुदायों की सटीक जनसंख्या, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और उनकी जरूरतों को समझना असंभव है।

उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग की वास्तविक स्थिति को समझा जाए और उनके लिए लक्षित नीतियां बनाई जाएं।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आजसू पार्टी इस प्रक्रिया में हर स्तर पर सक्रिय सहयोग प्रदान करेगी और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्रेरित करेगी।

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