जिले में भ्रष्टाचार चरम पर, भाजपा करेगी आंदोलन : गीता
पश्चिमी सिंहभूम, 26 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिमी सिंहभूम (
चाईबासा) में हाल ही में हुई दिशा की बैठक को लेकर पूर्व सांसद और भाजपा नेत्री गीता कोड़ा ने शनिवार को जिले के जनप्रतिनिधियों पर हमला बोला। उन्होंने विकास योजनाओं में उदासीनता और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए एवं जनता से अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने का आह्वान किया। गीता कोड़ा ने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन चरम पर है, जबकि पारदर्शिता पूरी तरह गायब है। उन्होंने ऐलान किया कि भाजपा जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी।
विकास योजनाएं डीएमएफटी और कैंपा फंड के भरोसे
पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में आयोजित दिशा की बैठक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों ने जनता के हितों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे आम जनता की समस्याओं के प्रति सरकार और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता उजागर होती है।
गीता कोड़ा ने कहा कि जिले में अधिकांश विकास योजनाएं केवल डीएमएफटी और कैंपा फंड के भरोसे चल रही हैं। इन फंडों का भी दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने चेताया कि दिशा जैसी बैठकों का उद्देश्य अब महज औपचारिकता तक सीमित रह गई है।
पूर्व सांसद ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद जिले में अब भी शुद्ध पेयजल, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सशक्त शिक्षा व्यवस्था का अभाव है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्जर स्थिति में हैं, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और कृषि योजनाएं सिर्फ कागजों पर सिमटी हुई हैं। स्वरोजगार और कौशल विकास की योजनाओं का भी कोई ठोस प्रभाव जमीन पर नहीं दिखता।
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि इस विफल और जनविरोधी नेतृत्व को बेनकाब किया जाए। जनता को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होकर सवाल उठाने चाहिए।
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