पंजाब विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा बयान: सुरक्षा में चूक, अमित शाह से इस्तीफे की मांग!

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फरीदकोट के कोटकपूरा में हाल ही में अपने दौरे के दौरान पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।इस बारे में बात करते हुए, उन्होंने केंद्र सरकार को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया और बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में घोर लापरवाही के चलते यह दर्दनाक घटना हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जम्मू-कश्मीर में सेना तैनात है, तब भी ऐसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के साधनों की कमी क्यों है, जहां प्रतिदिन हजारों पर्यटक आते-जाते हैं।

संधवां ने इस निंदनीय घटना के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी को भी स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका यह मानना है कि ऐसी घटनाएं देश में आपसी टकराव और तनाव पैदा करती हैं, जिसे रोकने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने अपील की कि हमें इस तरह की घटनाओं से सावधान रहने की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे समाज में शांति और भाईचारा बना रहे।

इसके अलावा, स्पीकर ने मीडिया को भी कटाक्ष करते हुए कहा कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता। उनका उद्देश्य देश में धार्मिक तनाव बढ़ाना होता है। इसलिए, आम जनता को इस विषय में जागरूक होना चाहिए और किसी भी भड़काने वाले प्रचार से बचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सीमाओं पर बढ़ते तनाव के बावजूद हमें अपने अंदर शांति बनाए रखने की आवश्यकता है, ताकि हम एकजुट हो सकें और आपस में भाईचारा कायम कर सकें।

अपनी यात्रा के दौरान, कुलतार सिंह संधवां ने फरीदकोट के दशमेश डेंटल कॉलेज में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित नशा विरोधी जागरूकता समारोह में भी भाग लिया। यहां उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, उन्होंने कोटकपूरा की विभिन्न बस्तियों में जाकर विकास कार्यों का जायजा भी लिया और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को सुना।

इस प्रकार, कुलतार सिंह संधवां का यह दौरा न केवल सुरक्षा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का एक प्रयास था, बल्कि यह पंजाब के लोगों के साथ संवाद स्थापित करने और उनके विकास से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर था। उन्होंने संदेश दिया कि सभी नागरिकों को मिलकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा और देश में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना होगा।