पंजाब रोडवेज पनबस और पीआरटीसी की बसें आज (वीरवार) सामान्य रूप से चलेंगी, क्योंकि यूनियन ने आज दो घंटे के लिए बस स्टैंड बंद रखने का अपना निर्णय वापस ले लिया है। यह जानकारी पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी ठेका श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई कॉल के बाद लिया गया, जिसमें अधिकारियों ने कर्मचारियों के वेतन से संबंधित समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है।
यूनियन के नेताओं ने बताया कि वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर जनरल मैनेजर (प्रशासन) ने फोन पर उन्हें यह जानकारी दी कि अप्रैल महीने के वेतन का बजट कैसे तैयार किया जा रहा है। इसके आलोक में, नियमित, पेंशन प्राप्त कर रहे तथा ठेका श्रमिकों का वेतन देर शाम तक उनके बैंक खातों में जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहीं, शेष आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन अगले दिन तक खातों में जमा करवाने का आश्वासन भी मिला है। इसके परिणामस्वरूप, यूनियन ने कल 2 घंटे के लिए बस स्टैंड बंद रखने की योजना बनाई है।
हालांकि, भविष्य में कोई भी समस्या उत्पन्न होने पर यूनियन ने प्रबंधन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अगले महीने पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों का वेतन समय पर नहीं दिया गया, तो पहले की तरह 7 तारीख को सभी डिपो के सामने गेट रैलियों के माध्यम से प्रबंधन और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा, 10 तारीख को पंजाब के सभी बस स्टैंड बंद करने की योजना भी बनाई गई है।
अगले विरोध प्रदर्शन के दौरान, यूनियन के सदस्य “नहीं तो काम नहीं” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए सभी डिपो को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी पनबस तथा पीआरटीसी प्रबंधन और पंजाब सरकार की होगी। यूनियन ने अपने सदस्यों से यह भी कहा है कि यदि समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो यह उनकी न्यायसंगत मांग है जिसका उन्हें समर्थन रहना चाहिए।
इस बीच, यह स्थिति सभी कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। यूनियन के नेता यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनकी आवाज सुनी जाए और उचित समाधान निकाला जाए। वेतन के मुद्दे पर कोई भी विफलता संभावित भविष्य में बड़े आंदोलन का कारण बन सकती है, जिसके लिए यूनियन पूरी तरह से तैयार है। कर्मचारी इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि सरकार और प्रबंधन उनके मुद्दों का गंभीरता से समाधान करें ताकि भविष्य में परिवहन सेवाओं में कोई व्यवधान न आये।