हरियाणा के अंबाला में नितिन वर्मा, जो कि 3.8 फीट के हैं, और आरुषि, जो 3.6 फीट की हैं, का विवाह सबसे अनोख तरीके से हुआ। यह जोड़ी एक-दूसरे से पहली बार 26 मार्च को मिली थी और पहली नजर में ही उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया। निर्धारित विवाह कार्यक्रम के सिर्फ 10 दिन बाद, दोनों ने एक-दूसरे के साथ शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया। नितिन के पिता एक दुकान चलाते हैं, जबकि आरुषि के पिता का अब निधन हो चुका है। आरुषि की माँ घरेलू कार्यों में लगी हुई हैं। जब परिवार ने तुरंत शादी की बात की, तो आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताओं का सामना किया गया। नितिन ने दहेज के बजाय बस प्यार के साथ जीवन बिताने की इच्छा दिखाई, जिससे आरुषि का परिवार भी शादी के लिए सहमत हो गया।
यह जोड़ी ड्वार्फिज्म (बौनेपन) से पीड़ित है, लेकिन उनके परिवार के अन्य सदस्य सामान्य लंबाई के हैं। नितिन वर्मा ने बताया कि उनका परिवार चार सदस्यों का है और उन्होंने परिवार में एक सामान्य बच्चे की तरह करते हुए उनकी परवरिश की। वहीं, आरुषि के परिवार को उनकी स्थिति का पता तब चला, जब वे 2 साल की थीं और उनकी वृद्धि रुक गई। दोनों ने अच्छी शिक्षा प्राप्त की है, नितिन ने इंटर की पढ़ाई की जबकि आरुषि ने बीए तक पहुंची हैं।
शादी की चर्चाओं का आगाज़ तब हुआ जब नितिन ने 25 वर्ष और आरुषि ने 23 वर्ष की आयु पार कर ली थी। दोनों परिवार पहले से ही विवाह के लिए प्रयासरत थे, लेकिन कद के कारण समस्या बनी हुई थी। नितिन के एक रिश्तेदार ने आरुषि को किसी कार्यक्रम में देखा और फिर अपने परिवार को शादी के लिए प्रस्ताव देने का सुझाव दिया। इसके बाद पहली मुलाकात 26 मार्च को हुई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे को पसंद कर लिया।
जब शादी की बातें शुरू हुईं, तो आरुषि के परिवार ने आर्थिक मुद्दों की वजह से चिंता जताई। इसके जवाब में नितिन ने दहेज की मांग करने के बजाय केवल एक साथी की चाहत व्यक्त की। उनके इस निर्णय ने आरुषि के परिवार को शादी के लिए राजी कर दिया। 6 अप्रैल को शादी तय की गई और 13 अप्रैल को अंबाला में एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया। शादी के दौरान नितिन और आरुषि ने पंजाबी गानों पर जमकर प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
इस अनोखे विवाह ने यह सिखाया है कि यदि सोच और इरादा साफ हो, तो हर रिश्ता खूबसूरत हो सकता है। शादी के बाद, नितिन और आरुषि बेहद खुश हैं और सभी से उन्हें मिल रही सराहना से अभिभूत हैं। आरुषि ने बताया कि उनके पिता का निधन के बाद उनकी माँ ने हमेशा उनकी रक्षा की है और अब नितिन के साथ मिलकर उनकी जिंदगी नई दिशा में आगे बढ़ी है। यह कहानी न सिर्फ प्रेम की है, बल्कि एक नई सोच और समाज में बदलाव लाने की जरूरत का भी प्रतीक है।