आलिया कुरैशी, जो एक युवा और उभरती हुई एक्ट्रेस और सिंगर हैं, इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। उन्होंने हाल ही में अमेजन प्राइम की सीरीज ‘बंदिश बैंडिट्स-2’ में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा, वह शाहरुख खान की चर्चित फिल्म ‘जवान’ के साथ ही नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘नादानियां’ में भी नजर आ चुकी हैं। अपनी विविध गतिविधियों के लिए जानी जाने वाली आलिया संगीत के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं; वह गाने लिखती और गाती हैं। हाल ही में उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ अपने करियर की यात्रा और बॉलीवुड में अपने अनुभवों पर खुलकर बातें की।
जब आलिया से पूछा गया कि उनके परिवार में कोई संगीत का प्रोफेशनल बैकग्राउंड नहीं होने के बावजूद उन्होंने इस क्षेत्र को कैसे चुना, तो उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता गाना अच्छा गाते थे और यही कारण था कि उन्होंने बच्चपन से ही संगीत के प्रति रुचि विकसित की। आलिया ने अपने स्कूली जीवन में म्यूजिक पर ध्यान केंद्रित किया और अपनी पहली रचना कक्षा पांच में लिखी, जिसका प्रेरणा उन्हें एक मरे हुए मेंढक की घटना से मिली थी। उन्होंने बताया कि कैसे उस अनुभव ने उनके पहले गाने ‘कमिंग अलाइव’ के लिए प्रेरणा प्रदान की और इसके बाद से वह लेखन में लगातार संलग्न रही हैं।
आलिया अपने नाम के पीछे की कहानी को भी बांटती हैं, जिसमें वह बताती हैं कि उनके माता-पिता उन्हें ‘झल्ली’ कहकर बुलाते थे। हालांकि, उन्होंने इसे सकारात्मक रूप में लिया और इसे अपने करियर का हिस्सा बना लिया। आलिया ने अपने गाने ‘प्रिटी’ के बारे में भी चर्चा की, जिसमें उन्होंने समाज की सोच को चुनौती दी। जब लोग उन्हें सिर्फ सुंदरता के आधार पर आंकने लगे, तो उन्होंने इस गाने के जरिए अपनी पहचान को स्पष्ट किया। वो बताती हैं कि इस गाने को सुनने वाले कम ही थे, लेकिन इससे उन्हें अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद मिली और उन्होंने अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया।
आलिया ने अतिरिक्त रूप से विपश्यना के अनुभव को साझा किया, जिसने उन्हें अपने अंदर के दुखों से निपटना सिखाया। मुंबई में रहते हुए लोगों के बीच की असमानता ने उनका मन व्यथित कर दिया था, जिससे वह चिंतित हो गई थीं। इस अनुभव ने उन्हें आत्म-विश्लेषण की ओर प्रेरित किया और विपश्यना ने उन्हें मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद की।
अंत में, आलिया ने बताया कि कैसे उनके जीवन में अदाकारी की दिलचस्पी भी विकसित हुई। वह बचपन से कास्टिंग एजेंसियों से जुड़ी रहीं, हालाँकि नेटवर्किंग से वह ज्यादा संतुष्ट नहीं थीं। जब उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई के दौरान एक्टिंग क्लास ली, तो उनके अंदर की अदाकारा जागृत हुई। आओ, आलिया का यह सफर हमें यह सिखाता है कि संघर्ष और आत्म-विश्वास से भरी यात्रा ही जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकती है।