रेखा के सिंदूर और जया की डिनर पर चेतावनी ने मचाया हंगामा!

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जया बच्चन और रेखा की कहानी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और जटिल कहानियों में से एक मानी जाती है। जया ने एक बार रेखा को घर पर डिनर के लिए बुलाया, जहां उन्होंने कहा, “चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अमित (अमिताभ बच्चन) को कभी नहीं छोड़ूंगी।” यह बात मानो एक कड़वे सच का संकेत थी जिसमें रेखा और जया की दोस्ती में दरार आने की शुरुआत हुई। उस समय, रेखा और जया के बीच रिश्ते में इतनी निकटता थी कि वे एक-दूसरे को “दीदी भाई” कहकर बुलाती थीं। हालांकि, बातचीत और समझदारी का ये खूबसूरत दौर उस समय समाप्त हो गया जब अमिताभ की एंट्री हुई।

1970 के दशक में जया एक प्रतिष्ठित अदाकारा बन चुकी थीं और रेखा अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं। दोनों के बीच की दोस्ती धीरे-धीरे विकसित हुई और वे एक-दूसरे के साथ अच्छे वक्त बिताने लगीं। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, परिस्थितियाँ बदलती गईं। जया ने एक इंटरव्यू में कहा कि रेखा खुद को गंभीरता से नहीं लेतीं, यह बात रेखा के लिए जहनी चोट साबित हुई। इसी बीच, जया के और अमिताभ के विवाह की चर्चाएं प्रारंभ हुईं और रेखा को इस रिश्ते से काफी आहत होने लगा।

जब जया और अमिताभ ने शादी की, रेखा को आमंत्रित नहीं किया गया। इससे रेखा में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने कई बार बयान दिए कि उनकी और जया की दोस्ती खटाई में पड़ चुकी थी। रेखा ने यह भी कहा कि जया ने शादी में उन्हें आमंत्रित न करके उनके साथ विश्वासघात किया। जया और अमिताभ के कॅरियर के लिए ‘जंजीर’ फिल्म एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जहां जया ने अमिताभ को समर्थन दिया और उनके साथ काम कर फिल्म की सफलता का जश्न मनाया।

बदले में, रेखा का अमिताभ के साथ रोमांटिक संबंध चर्चा का विषय बन गया। रेखा ने कहा कि जब जया ने उनके और अमिताभ के प्रेम सीन देखे तो वह रोने लगीं। यह बात उस वक्त के मीडिया में तूल पकड़ी और धीरे-धीरे जया और रेखा के रिश्ते में खटास आ गई। इसके बाद, जया ने फिल्मों से दूर रहने का फैसला किया, लेकिन उन्होंने कई फिल्मों में काम किया जो उन्होंने शादी से पहले साइन की थी।

1980 में यश चोपड़ा की फिल्म ‘सिलसिला’ ने जया और रेखा के बीच की असहमति को और बढ़ा दिया। जया भी इस फिल्म का हिस्सा बन गईं, लेकिन यह सभी को पता था कि वे असल जिंदगी में भी एक जटिल प्रेम त्रिकोण का हिस्सा हैं। अंततः, इन सभी घटनाओं ने जया की फिल्म इंडस्ट्री में वापसी को और भी खास बना दिया।

आज जब हम जया बच्चन की जीवनी और उनके जीवन में आए उतार-चढ़ाव देखेंगे, तो यह बात स्पष्ट होती है कि कैसे एक साधारण दोस्ती ने समय के साथ अद्भुत जटिलताएँ अपनाई और एक नई दास्तान का निर्माण किया। जया के अलावा रेखा और अमिताभ ने भी अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश की और इस शोर शराबे के बावजूद सबने अपने रास्ते बनाए। आज जया न सिर्फ फिल्म उद्योग में, बल्कि राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण शख्सियत हैं और उनकी छवि पहले से कई स्थलों पर मजबूत बनी हुई है।