प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की रहने वाली निधि तिवारी को अपना निजी सचिव नियुक्त किया है। यह उनके प्रधानमंत्री के कार्यकाल में एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि यह पहली बार है जब एक महिला इस पद पर नियुक्त हुई है। निधि तिवारी, जो कि भारतीय विदेश सेवा (IFS) की अधिकारी हैं, पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की टीम में कार्यरत थीं। इस नियुक्ति के समाचार ने उनके ससुराल वाराणसी के महमूरगंज क्षेत्र में खुशी का माहौल बना दिया है।
दैनिक भास्कर की एक टीम ने निधि के घर जाकर उनके पति डॉ. सुशील जायसवाल और उनकी मां प्रभा तिवारी से बातचीत की। इस बातचीत में निधि की जीवन यात्रा और उनके सफल करियर के बारे में कई रोचक बातें साझा की गईं। निधि के ग्रेजुएशन के बाद की कहानी दिलचस्प है, जब वह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में पढ़ने आईं। यहां पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात डॉक्टर सुशील से हुई, जो बाद में उनके जीवनसाथी बने।
शादी के बाद निधि ने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। डॉ. सुशील के अनुसार, निधि ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में कार्य प्रारंभ किया, लेकिन उनकी आकांक्षा ब्यूरोक्रेसी में कुछ बड़ा करने की थी। इसके चलते उन्होंने UPSC की परीक्षा दी और पहले प्रयास में ही उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर नियुक्ति मिली। इसके पश्चात, उन्होंने जनरल कैटेगरी में 96वीं रैंक हासिल की और भारतीय विदेश सेवा (IFS) में अपने सपने को साकार करने में सफलता प्राप्त की।
निधि का पहला पद विदेश मंत्रालय में था, जहां उन्होंने वियना (ऑस्ट्रिया) में दो वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। वहां उन्होंने भारत के विभिन्न मुद्दों पर UN के देशों के साथ समन्वय का कार्य किया। उनकी उपलब्धियों पर गर्व करते हुए, डॉ. सुशील ने बताया कि निधि ने कभी भी किसी परीक्षा में असफलता का सामना नहीं किया, और उनकी मां प्रभा तिवारी ने भी यह बताया कि उनकी बेटी हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही हैं।
अब निधि तिवारी ने प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया है। उनके पिछले अनुभव और शिक्षा को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि वह इस नई भूमिका में भी उत्कृष्टता प्राप्त करेंगी। इस नियुक्ति से यह स्पष्ट होता है कि नरेंद्र मोदी सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में सख्त है और वे उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर लाने में संकोच नहीं करती।
निधि की यह कहानी निश्चित रूप से प्रेरणादायक है, जो यह दर्शाती है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनकी उपलब्धियां अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत होंगी, जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखना चाहती हैं।