32 बार कॉल, संबंध का लालच: सर्राफा व्यापारी को ईंट से मारकर जेवर चोरी! पढ़ें पूरी साजिश…

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लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी की हत्या एक गंभीर मामले के तहत सामने आई है, जिसमें आरोप है कि ब्याज के बदले शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने इस मामले में छानबीन कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। नगर डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में हरदोई के अतरौली निवासी गोलू (20), विनय कुमार उर्फ छोटू (19) और हंसराज (20) शामिल हैं।

इस मामले की शुरुआत रूप नारायण सोनी नामक 65 वर्षीय सर्राफा व्यापारी से हुई, जो चौक के डहला कुंआ कॉलोनी के निवासी थे। उनके बेटे नीलेश के अनुसार, रूप नारायण दुबग्गा में ‘पवन ज्वैलर्स’ नाम से एक दुकान चलाते थे। उन्हें 18 मार्च को सुबह दुकान जाने के लिए निकलते हुए देखा गया, लेकिन देर रात तक वह घर नहीं लौटे। इस पर परिवार ने उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। 19 मार्च को, पुलिस ने उनका शव घैला पुल के निकट बरामद किया, जिसके बाद नीलेश ने अपने पिता की हत्या का केस दर्ज कराया।

हत्या के पीछे की कहानी यह है कि रूप नारायण की दुकान के पास रहने वाली एक महिला ने अपने जेवरात गिरवी रखकर उधार लिए गए पैसे के कारण दबाव महसूस किया। रूप नारायण ने महिला को कई बार परेशान किया और इसके चलते उसने अपनी नाबालिग बेटियों को भी उस पर आरोप लगाया। महिला की बेटियों ने इस समस्या के बारे में अपने मौसेरे भाइयों से बताया, जिन्होंने कथित तौर पर रूप नारायण की हत्या की योजना बनाई। गोलू और विनय प्राइवेट एम्बुलेंस चलाते हैं, जबकि हंसराज चाय की दुकान चलाता है।

कार्यों को अंजाम देते हुए नाबालिग बहनों ने रूप नारायण को अपने घर बुलाया और उसकी साजिश के तहत हत्या कर दी। उसके बाद आरोपियों ने उसकी लाश को आईआईएम रोड के घैला पुल के पास फेंक दिया। हत्या के बाद यह मामला और भी जटिल हो गया जब आरोपियों ने दुकान में जाकर सभी कीमती सामान चुराने का प्रयास किया। पुलिस ने चालन के दौरान सीसीटीवी फुटेज जुटाकर नाबालिग लड़कियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि समाज के कुछ वर्गों में आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव की स्थिति गंभीर अपराधों को पैदा कर सकती है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार किया है। इस मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद यह भी देखा गया है कि समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर और अधिक जागरूकता की आवश्यकता है। इस तरह की घटनाओं के प्रति समाज को सजग रहना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।