लुधियाना| श्री विश्वनाथ मंदिर कमेटी, जमालपुर ने स्वामी नलिनानंद गिरी महाराज के आशीर्वाद में ‘अमृतवाणी सत्संग’ का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या शामिल हुई, जिन्होंने ध्यान और भक्ति के साथ संत के प्रवचन को सुना। स्वामी नलिनानंद गिरी महाराज ने अपने प्रवचन में जीवन की सच्ची सुख की प्राप्ति के बारे में विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आत्मिक शांति ही असली खुशी है और इसे किसी बाहरी साधन से नहीं, बल्कि अपने अंदर की गहराइयों में खोजा जाना चाहिए।
महाराज ने आगे कहा कि मनुष्य अक्सर भौतिक वस्तुओं और संसारिक इच्छाओं के चक्कर में पड़कर अपनी वर्षों की साधना को बर्बाद कर देता है। इसलिए, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सिखाया कि उन्हें हमेशा ‘राम नाम’ का आश्रय लेना चाहिए, क्योंकि यह मंत्र जीवन की कठिनाइयों के समय में विशेष सहारा प्रदान करता है। सत्संग के दौरान, लोगों ने एक स्वर में ‘राम’ का गुणगान किया, जो इस अवसर की भक्ति और श्रद्धा को दर्शाता था।
कार्यक्रम के दौरान, शामिल हुए श्रद्धालुओं ने अपनी भक्ति पर जोर देते हुए अनुभव साझा किए और स्वामी जी के विचारों से प्रेरणा ली। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे राम नाम का जाप करने से उन्हें मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। स्वामी नलिनानंद गिरी महाराज ने अपने प्रवचन में जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आंतरिक शक्ति को पहचानने और उसे विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस दौरान मंदिर परिसर में एक सकारात्मक व पारिवारिक वातावरण बना रहा, जहाँ आस-पास के लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर भक्ति गीत गा रहे थे और स्वामी जी की उपदेशों का श्रवण कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने इस विशेष आयोजन को एक अद्भुत अनुभव बताया और सत्संग के मायने को समझा। सभी ने मिलकर न केवल भक्ति की, बल्कि आत्मिक शांति की ओर बढ़ने के उनके मार्ग में एक नई दिशा भी पाई।
अंत में, श्री विश्वनाथ मंदिर कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार, अमृतवाणी सत्संग ने सभी को एकजुट करने और उनकी आस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समारोह में भाग लेकर लोग एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भरे हुए विदा हुए।