ग्यासपुरा: दुश्मनी में बुटीक पर पेट्रोल बम धमाका, परिवार पर हमला!

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लुधियाना में शुक्रवार की रात एक गंभीर घटना घटी, जब ग्यासपुरा क्षेत्र के ईस्टमैन चौक में स्थित एक बुटीक पर पेट्रोल बम से हमला किया गया। इस हमले में जानी नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन बुटीक में मौजूद लाखों के सामान ने जलकर राख की शक्ल ले ली। बताया जा रहा है कि यह हमला रंजिश के चलते किया गया था। पीड़िता, किरन, जो कि खुद इस बुटीक की मालिक हैं, ने पहले स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से, उन्होंने सोमवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय जाकर अपनी शिकायत प्रस्तुत की।

किरन ने बताया कि वह ईस्टमैन चौक में अपने परिवार के साथ रहती हैं और बुटीक चला रही हैं। इलाके में दो भाई हैं, जिन पर थाना हैबोवाल में लूट के मामले में मामला दर्ज है। पुलिस उन भाइयों में से एक को गिरफ्तार करने के लिए उनके घर पहुंची थी। इस घटना के बाद, आरोपियों को संदेह हुआ कि किरन ने पुलिस को सूचना दी है। गुस्साए होकर, दोनों भाई और उनके साथी किरन के घर पहुंचे और उसके माता-पिता से मारपीट की।

देर रात एक युवक ने पेट्रोल बम लेकर बुटीक पर हमला किया, जिससे दुकान में रखे सभी सामान पूरी तरह से जल गए। पीड़िता ने ये आरोप लगाया है कि उनके शिकायत को सुनने के बजाय स्थानीय पुलिस ने कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की, जिससे उन्हें मजबूरन उच्च पुलिस अधिकारियों से संपर्क करना पड़ा। यह मामला न केवल किरन के लिए बल्कि पूरा क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है, जहां ऐसी घटनाएँ आम हो रही हैं।

पुलिस के लिए यह घटना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बिना किसी साक्ष्य या गवाह के अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो सकता है। इसके बावजूद, किरन ने न्याय की उम्मीद नहीं छोड़ी है और उनका कहना है कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन को जल्द कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि अपराधियों को सजा मिल सके और क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके।

यह घटना सिर्फ एक बुटीक की दुकान पर हमला नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ती हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी दर्शाती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को गंभीरता से विचार करना होगा कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा सकते हैं। लोग चाहते हैं कि वे बिना किसी डर के अपने जीवन और कारोबार चला सकें, लेकिन ऐसे हादसे उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।