“लंदन नहीं गए पापा, स्टार बने! मेरठ में बेटी की मम्मा को पुलिस क्यों ले गई?”

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हाल ही में मेरठ में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसमें आठ वर्षीय पीहू को अपने माता-पिता की हत्या के बाद गहरे मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। पीहू की जिंदगी में पैदा हुई यह उथल-पुथल उसके लिए एक भयानक अनुभव बन गई है। उसकी नानी कविता और नाना प्रमोद उसकी देखभाल कर रहे हैं। पुलिस के पूछताछ से वह बहुत डरी हुई है और छिपे हुए सच का सामना करने में असमर्थ है। उसकी मासूमियत बार-बार सवाल पूछती है, लेकिन उनके जवाब देने में उसके परिवार वाले लाचार हैं।

पीहू का जीवन 3 मार्च से पूरी तरह से बदल गया है, जब वह अपने माता-पिता को नहीं देख पा रही है। उसकी नानी कविता बताती हैं कि जब भी डोर बेल बजती है, पीहू एक उम्मीद के साथ दौड़ कर जाती है कि कहीं उसके मम्मा-पापा लौट आए हैं। उसकी हर मुस्कान के पीछे एक वेदना छिपी है और वह अपने माता-पिता की तस्वीरें देखकर सहम जाती है। इस दर्दनाक स्थिति में उन्होंने टीवी और न्यूज की सारी जानकारी को दूर रखने का फैसला लिया है ताकि पीहू इस दुख से और व्यथित न हो।

मुस्कान, जो कि पीहू की मां है, के बारे में नानी कविता का कहना है कि सच सामने आने के बाद घर में एक अजीब सा माहौल बन गया है। किसी को यह नहीं पता था कि पीहू पर इसका क्या असर पड़ेगा। मुस्कान के माता-पिता का कहना है कि वे चाहते हैं कि पीहू को कभी भी इस कड़वे सच का सामना न करना पड़े। वे उसे हमेशा यही समझाना चाहेंगे कि उसके मम्मा-पापा लंदन में हैं। जब वह बड़ी होगी, तब उसे धीरे-धीरे हकीकत बताई जाएगी।

इस बीच, पीहू का मानसिक स्वास्थ्य चिंता का विषय बना हुआ है। 18 मार्च को जब सबको सच्चाई का पता चला, तब पीहू काफी अस्वस्थ हो गई थी। नानी ने बताया कि उसे खाना भी नहीं खाने का मन कर रहा था। इस स्थिति ने उसके नाना-नानी को चिंता में डाल दिया है। उन्होंने निश्चित किया है कि पीहू को मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल दी जाए, ताकि वह अपने माता-पिता के बिना जीवन की चुनौतियों का सामना कर सके।

पीहू का जीवन अब उसके नाना-नानी के साथ ही बीत रहा है, जो उसे प्यार और सुरक्षा देने की कोशिश कर रहे हैं। मुस्कान के घरवालों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे हमेशा पीहू को अपने पास रखेंगे और उसके बारे में किसी भी नकारात्मक स्थिति को दूर रखने का प्रयास करेंगे। हत्या के बाद पीहू के जीवन में आए इस काले बादल को हटाने के लिए उसके परिवार वालों ने दृढ़ संकल्प लिया है, ताकि पीहू फिर से खुशहाल जिंदगी जी सके।

हालांकि, यह मामला अभी प्राथमिक चरण में है और जांच जारी है। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और सच्चाई अभी सामने आनी बाकी है, लेकिन पीहू का मासूम चेहरा और उसकी मानसिक स्थिति यकीनन इस हत्याकांड का सबसे दुखद पहलू है। सभी की नजरें अब इस मामले पर हैं, ताकि पीहू को न्याय और सच्चाई मिल सके।