गुजरात से सटे सिरोही में आरटीओ इंस्पेक्टरों द्वारा ट्रक चालकों से अवैध वसूली के मामले पर एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में दैनिक भास्कर की टीम ने करोटी टोल नाके पर अपनी पड़ताल की जिसमें कई startling तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार, आरटीओ की टीम ने सरकारी तौर पर बंद किए गए टोल पर बेरिकेड्स लगाकर ट्रकों को रोकना शुरू कर दिया है। यहां ट्रक ड्राइवरों को एंट्री के नाम पर 200 से 500 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। अगर कोई चालक मना करता है, तो उसे खतरनाक तरीके से धमकी दी जा रही है, जिससे इस अवैध वसूली का खेल और भी गंभीर हो गया है।
भास्कर की रिपोर्टिंग के दौरान, उन्होंने देखा कि किस प्रकार आरटीओ कर्मचारी ट्रक चालकों को रोककर पैसे वसूलने के लिए तैयार रहते हैं। अगर ट्रक चालक कुछ भी पूछता है, तो उसे हाथ में डंडा लिए गार्ड के सामने खड़ा किया जाता है। इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि एक ट्रक चालक से राज्य के अलग-अलग नाकों पर 5 से 8 हजार रुपये वसूल लिए जा रहे हैं। यह खेल ठीक से संगठित तरीके से चलाया जा रहा है और इसमें कोडवर्ड का प्रयोग किया जा रहा है ताकि आगे वाले ट्रक ड्राइवरों को पैसे के लेन-देन की जानकारी मिल सके।
पड़ताल के दौरान भास्कर की टीम ने पाया कि एक ट्रक चालक ने कहा कि उन्होंने पहले मंडार टोल नाके पर पैसे देने से इंकार किया था, जिसके कारण उन पर चालान काटने की धमकी दी गई। इसके बाद, टीम ने एक और चालक से बात की जिसने बताया कि वह सप्ताह में 2-3 बार राजस्थान से सामग्री लेकर आता है, लेकिन उसे बार-बार अवैध वसूली की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस तरह की स्थिति में, चालकों को तंग किया जाता है और अपने ट्रक को रुकवाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
मंडार में भी आरटीओ इंस्पेक्टरों द्वारा ट्रकों से अवैध वसूली का काम किया जा रहा था, जिससे चालकों ने इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। जब केंद्र सरकार ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की सहायता से सभी बॉर्डर चेक पोस्ट बंद करने को कहा, तब भी कुछ जगहों पर यह अवैध वसूली जारी रही। भास्कर की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि करोटी टोल पर हर दिन 3000 से अधिक ट्रक गुजरते हैं और एंट्री के नाम पर हर ट्रक से अवैध वसूली की जा रही है।
आरटीओ पाली के अधिकारी अर्जुन सिंह का कहना है कि उनके विभाग का लक्ष्य 31 मार्च तक अधिक से अधिक चालान करना है, और यदि किसी के द्वारा एंट्री शुल्क वसूला जा रहा है तो यह गलत है। यही नहीं, आरटीओ इंस्पेक्टर सुजानाराम का कहना था कि वे सिर्फ चालान कर रहे हैं, लेकिन जब भास्कर की टीम ने उन्हें अवैध वसूली की संदिग्धता के बारे में बताया, तो उन्होंने फोन डिस्कनेक्ट कर दिया। इस प्रकार, अवैध वसूली के इस जाल को तोड़ने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।