विधानसभा में फिर उठा, असंध को जिला बनाने का मुद्दा
-शून्यकाल में विधायकों ने उठाई अपने हलके की मांगें , रामकुमार गौतम में कुंवारों की पेंशन पर जताई आपत्ति, करनाल विधायक ने की अस्पताल इमारत निर्माण की मांग
चंडीगढ़, 18 मार्च (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को शून्यकाल में विधायकों ने जनहितैषी मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। शून्यकाल के दौरान सड़कों की बदहाल स्थिति, पार्कों में अव्यवस्था का आलम, प्रदेश में बढ़ता नशा, किसानों पर दर्ज केसों को वापस लेने और घग्गर से बढ़ रहे कैंसर को रोकने के लिए कैनाल बेस पानी की व्यवस्था का मुद्दा उठा। इसके साथ ही असंध हलके को जिला घोषित किए जाने की मांग की गई।
असंध विधायक योगेंद्र राणा ने लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने एवं प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से असंध हलके को जिला घोषित किए जाने की मांग को फिर दोहराया। उन्होंने सरकार का ध्यान असंध के विकास और जनता की मूलभूत सुविधाओं की ओर आकर्षित करते हुए विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक बजट और नीतिगत निर्णय लेने की अपील की। योगेन्द्र राणा ने करनाल-जींद रोड और कोहंड-असंध रोड को फोरलेन बनाने की मांग करते हुए कहा कि इससे यातायात की सुविधा बेहतर होगी और क्षेत्र का आर्थिक विकास हो सकेगा। उन्होंने असंध में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की मांग की जिससे दुर्घटनाओं और आपातकालीन चिकित्सा मामलों में त्वरित उपचार मिल सके। विधायक योगेन्द्र राणा ने युवाओं में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए गांव दादूपुर में शूटिंग रेंज बनाई जाने की मांग को भी रखा।
सोहना से भाजपा विधायक तेजपाल तंवर ने पीने के पानी का समाधान करने और सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया। बहादुरगढ़ से निर्दलीय विधायक राजेश जून ने स्कूलों में व्यवस्था सुधारने का मुद्दा उठाया। पानीपत शहरी से भाजपा विधायक प्रमोद विज ने कांट्रैक्टरों द्वारा श्रमिकों के शोषण का मुद्दा उठाते हुए निर्धारित की गई सात तारीख को वेतन न देने का मुद्दा उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सफीदों से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने शून्यकाल के दौरान सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा का नाम लिए बिना निशाना साधा कि पिछली बार उनका समय निकल गया था और अभी भी वही स्थिति है। गौतम ने कुंवारों की पेंशन पर अंसतुष्टि जताते हुए एचकेआरएन के जरिये नौकरी देने की मांग की। साथ ही उन्होंने मिलावटियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए कहा कि दूध में मिलावट, घी में मिलावट, दवाइयां में मिलावट, बीज में मिलावट ऐसी कोई वस्तु नहीं बची है, जिसमें मिलावट न हो। करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद ने सिविल अस्पताल की बिल्डिंग का जल्द निर्माण करने और करनाल एयरपोर्ट के नवीनीकरण की मांग की। शहर की 26 कालोनियों को नियमित करना का मुद्दा उठाया।
टोहाना से कांग्रेस विधायक परमीवर सिंह ने घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में कैनाल बेस पानी की व्यवस्था करने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि लोगों को कैंसर से बचाने के लिए कैनाल बेस पानी की व्यवस्था जरूरी है। परमवीर सिंह ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की। साथ ही उन्होंने वर्ष 2023 में आई बाढ़ का मुआवजा लेने के लिए किसानों द्वारा दिए गए धरने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन किसानों को अपना मुआवजा लेने के लिए धरना देने पर मजबूर होना पड़ता है। वहीं उन्होंने शैलरों द्वारा किसानों को धान पर एमएसपी नहीं देने का मुद्दा उठाते हुए जांच की मांग की।
बलराम दांगी ने बढ़ते नशा पर जताई चिंता-
महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी ने बढ़ते नशा पर चिंता जताते हुए कहा कि महम में बनाया गया स्टेडियम आज बदहाल स्थिति में है और वह नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। उसका जीर्णोद्धार करवाकर खेलों की सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिए। बलराम ने बस अड्डे और सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया। वहीं रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह ने खेतों के खालों को पक्का करने और नहरी पानी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की। रतिया शहर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने और मंडी को शहर से बाहर शिफ्ट करने का मुद्दा उठाया।
झज्जर के साथ की जा रही है अनदेखी-
झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने सरकार पर झज्जर की अनदेखी का आरोप लगाया। भुक्कल ने कहा कि झज्जर एनसीआर का हिस्सा है, यहां बड़े-बड़े औद्योगिक संस्थान है, लेकिन विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। झज्जर सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। शहर में सड़कों से लेकर सेक्टरों, सड़क, सफाई और पीने के पानी से लेकर पार्कों की बदहाल स्थिति है। पार्कों में न तो सफाई व्यवस्था है और न ही उनके सुंदरीकरण को लेकर कोई कदम उठाए जा रहे हैं।———