परकोटे के 19 भवनों को सील करने के मामले मेें यथास्थिति बनाए रखने के आदेश

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परकोटे के 19 भवनों को सील करने के मामले मेें यथास्थिति बनाए रखने के आदेश

जयपुर, 7 मार्च (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के परकोटे के हल्दियों के रास्ते में आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में सील किए गए 19 भवनों को लेकर पक्षकारों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। वहीं मामले की आगामी सुनवाई 10 मार्च को तय की है। सीजे एमएम श्रीवास्तव व जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश स्वप्रेरित प्रसंज्ञान याचिका में शुक्रवार को प्रभावित भवन मालिकों की के प्रार्थना पत्र पर दिया। प्रभावित भवन मालिकों की ओर से सीनियर एडवोकेट माधव मित्र व अधिवक्ता जया मित्र ने कहा कि इस मामले में जिन नियमों की अवहेलना होना बताया जा रहा है, वे साल 2020 में आए हैं और उन पर लागू नहीं होते हैं। इसके अलावा वे सभी भवन मालिक हैं और उनके पास इन संपत्तियों के मालिकाना अधिकार है। उनकी ओर से किसी भी भवन पर अवैध कब्जा नहीं किया गया है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।

दरअसल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 25 फरवरी को परकोटे में अवैध तौर पर चिन्हित 19 भवनों को तत्काल सील करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही इसकी पालना रिपोर्ट 11 मार्च को पेश करने के लिए कहा था। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने शहर के परकोटे में आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए राज्य सरकार व नगर निगम से रिपोर्ट देने के लिए कहा था। वहीं कहा था कि रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां चलाना और अवैध निर्माण करना पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के खिलाफ है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को जानकारी दी गई थी कि सर्वे कर भवनों की तीन कैटेगरी बनाई है। पहली कैटेगरी में उन भवनों को रखा गया है, जो पूरी तरह अवैध है। इन भवनों की संख्या 19 है। वहीं शेष दो कैटेगरी में बिल्डिंग बॉयलॉज के खिलाफ जाकर किए गए निर्माणों को शामिल किया गया है।

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