लुधियाना में महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार को महाशिवरात्रि महोत्सव कमेटी द्वारा आयोजित भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। जैसे ही रथ यात्रा ने शहर की सड़कों पर कदम रखा, भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, और चारों ओर “हर-हर महादेव” के गूंजते नारे सुनाई देने लगे। इस उत्सव में भक्तजन शिव की आराधना करते हुए नृत्य कर रहे थे, और रथयात्रा के मार्ग में फूलों की बारिश कर दी, जिससे पूरा वातावरण सुगंधित हो गया।
यात्रा का शुभारंभ पुडा ग्राउंड से हुआ, जहां पहले से सजाए गए मंच पर वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में 31 विद्वान ब्राह्मणों ने मिलकर शिव की आराधना की। समारोह का आरंभ शंखनाद के साथ हुआ, जिसमें नारियल फोड़कर यात्रा की शुरुआत की गई। इस धार्मिक और सांस्कृतिक मंजर को देखने के लिए शहरवासी बड़ी संख्या में एकत्र हुए और इस पर्व का आनंद लिया।
रथयात्रा के दौरान भक्तों ने न केवल धार्मिक क्रियाओं में भाग लिया, बल्कि उन्होंने कई स्थानों पर भव्य सजावट और रंग-बिरंगे झंडे भी लगाए। रथ की ओर बढ़ते हुए, श्रद्धालु विभिन्न गानों पर नृत्य करते हुए उत्साह से भरे हुए थे। यह नजारा वास्तव में मनमोहक था, जिससे एक सकारात्मक और भक्तिमय वातावरण बन गया। शहर के हर कोने से लोग इस भव्य उत्सव में भाग लेने के लिए आए, जिससे यह कार्यक्रम और भी भव्य बन गया।
इस पर्व के दौरान लुधियाना का पूरा शहर महादेव की भक्ति में रंगा हुआ नजर आया। मंदिरों की ओर जाते हुए परिक्रमा करने वालों की भीड़, और भक्तों द्वारा किए गए धार्मिक अनुष्ठान ने इस पर्व को और भी खास बना दिया। महाशिवरात्रि से जुड़ी ये सभी गतिविधियां एकजुटता और धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं। रथयात्रा में शामिल लोग आपस में मिलकर इस दिन की महत्ता को महसूस कर रहे थे, जो कि भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस वर्ष की महाशिवरात्रि ने सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति के साथ-साथ हर कोई एक-दूसरे की मदद करने के लिए तैयार था। महाशिवरात्रि का यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि यह समाज की समरसता और भाईचारे को भी दर्शाता है, जिसमें सभी ने मिलकर शहर की इस पवित्र यात्रा का आनंद लिया। इस प्रकार, महाशिवरात्रि का यह पर्व लुधियाना के लोगों के लिए एक अमिट स्मृति छोड़ गया है।