राजस्थान में उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे राज्य के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। यह ठंडी हवाएं दिन के समय भी मौसम को ठंडा बनाए रख रही हैं, जिसके कारण अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया। यह सर्द हवा 24 फरवरी तक राज्य पर प्रभाव डालेगी, इसके बाद 25 फरवरी से हवा की दिशा बदलकर पश्चिमी हो जाएगी, जिसके चलते तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 27, 28 फरवरी और 1 मार्च को हल्की बारिश का भी अनुमान है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से सूखा बना रहा। हालांकि, फतेहपुर, हनुमानगढ़, अलवर और सीकर क्षेत्रों में दिन के समय हल्की सर्द हवा का प्रभाव देखने को मिला। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहा। बाड़मेर जिले में सबसे अधिक 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि अन्य शहरों जैसे जालोर में 32.7 डिग्री, डूंगरपुर में 32.4 डिग्री, जोधपुर में 30.5 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 31.5 डिग्री और जयपुर में 26.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
शेखावाटी क्षेत्र में सर्द हवाओं का सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। खासकर चूरू, सीकर, झुंझुनूं और फतेहपुर (सीकर) में ठंड की स्थिति अत्यधिक बढ़ गई है। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि चूरू में यह 10.7 डिग्री, सीकर में 10.5 डिग्री और पिलानी में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इन क्षेत्रों में सर्दी ने अपने तेज रुख को अपनाया है।
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य में 26 फरवरी तक मौसम सूखा रहने और धूप निकलने की उम्मीद जताई गई है। फिर, 27 फरवरी से राजस्थान में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव बीकानेर, जयपुर और भरतपुर के जिलों में पड़ सकता है। इस प्रणाली के चलते 27, 28 फरवरी और 1 मार्च को कई स्थानों पर बादल बन सकते हैं और हल्की बारिश या बूंदाबांदी के भी आसार हैं। इस तरह के मौसम परिवर्तन से स्थानीय कृषि और अन्य गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, जिससे किसान और नागरिक दोनों को सतर्क रहना होगा।
इस प्रकार, सर्दी का यह दौर Rajasthan में जारी रहेगा, और भविष्य में मौसम में होने वाले बदलावों के साथ उचित कदम उठाना आवश्यक होगा।